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टेक्सटाइल सेक्टर: पीएलआई योजना के तहत केवल भारत में रजिस्टर्ड कंपनियां ही पात्र होंगी

एजेंसी,नई दिल्लीPublished By: Drigraj Madheshia
Tue, 28 Sep 2021 02:12 PM
टेक्सटाइल सेक्टर: पीएलआई योजना के तहत केवल भारत में रजिस्टर्ड कंपनियां ही पात्र होंगी

केवल भारत में रजिस्टर्ड मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां ही कपड़ा क्षेत्र के लिए हाल ही में स्वीकृत 10,683 करोड़ रुपये की उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत भाग लेने के लिए पात्र होंगी। कपड़ा मंत्रालय की की अधिसूचना में यह बात कही गई है।

योजना को अधिसूचित करते हुए, मंत्रालय ने यह भी कहा कि भाग लेने वाली कंपनियों को  प्रसंस्करण और संचालन गतिविधियां अपने कारखाने के परिसर में करनी होंगी। इसमें कहा गया है कि प्रोत्साहन हासिल करने के लिए दावों पर ध्यान देते समय ट्रेडिंग और ऑउटसोर्स के जरिए कराए गए काम से जुड़े कारोबार का संज्ञान नहीं लिया जाएगा।

योजना के तहत रजिस्टर्ड कंपनी द्वारा बनाया गया सामान केवल प्रोत्साहन के लिए पात्र होंगे और अन्य विनिर्माताओं या उसी व्यापार समूह की दूसरी कंपनियों द्वारा निर्मित सामान को वृद्धिशील कारोबार की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।  अधिसूचना में कहा गया है, "केवल भारत में Registered Manufacturing कंपनियां ही इस योजना के तहत भाग लेने के लिए पात्र होंगी। 

योजना के तहत प्रोत्साहन 2024-25 से 2028-29 के बीच प्राप्त वृद्धिशील कारोबार पर 2025-26 से 2029-30 के दौरान पांच वर्षों के लिए उपलब्ध होगा। इसके लिए बजट में 10,683 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।  हालांकि कोई कंपनी एक साल पहले निवेश और प्रदर्शन के लक्ष्यों को हासिल कर लेती है तो वह 2024-25 से 2028-29 तक एक साल पहले ही पीएलआई योजना के लिए पात्र हो जाएगी।

इस योजना में एमएमएफ (मानव निर्मित फाइबर) परिधान, एमएमएफ फैब्रिक और तकनीकी वस्त्र उत्पादों के 10 खंडों को प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, एक समूह की केवल एक कंपनी को कपड़ा के लिए पीएलआई के वास्ते पंजीकृत होने की मंजूरी दी जाएगी तथा समूह की कोई और कंपनी इस योजना में दूसरे भागीदार के रूप में हिस्सा लेने के लिए पात्र नहीं होगी। 

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