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कर सलाह: LIC प्रीमियम, पीपीएफ, ELSS या पीएफ जुड़े सवालों के जवाब यहां पढ़ें

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीDrigraj
Mon, 02 Mar 2020 12:32 PM
कर सलाह: LIC प्रीमियम, पीपीएफ, ELSS या पीएफ जुड़े सवालों के जवाब यहां पढ़ें

आयकर अधिनियम की धारा 80सी के अंतर्गत कटौती हेतु जीवन बीमा प्रीमियम, पीपीएफ, ईएलएसएस तथा पीएफ के अंतर्गत 1,50,000 रुपये जमा करने के बाद धारा 80सीसीई के अंतर्गत शून्य जमा के बावजूद भी एनपीएस में  रुपये 50,000 जमा करने पर धारा 80 सीसीडी (1बी) के अंतर्गत कटौती मन्य होगी की नहीं? अगर आपके मन में पारिवारिक पेंशन , दुकान से होने वाली बचत , आयकर रिटर्न, इनकम टैक्स, आवास भत्ता , ग्रेच्युटी, जीपीएफ, स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा या निवेश, बचत जैसी चीजों के लिए इनकम टैक्स में छूट पाने को लेकर तमाम सवाल हैं तो हमें लिखें। हमारे एक्सपर्ट चार्टेड अकाउंटेंट केसी गोदुका आपके सवालों का जवाब देंगे। आप अपनी समस्या को खबर के अंत में दिए गए पते पर भेज सकते हैं। फिलहाल हमारे कुछ पाठकों के सवाल और उनके जवाब नीचे दिए गए हैं। हो सकता है ऐसे सवालों में आपकी भी समस्या छिपी हुई हो..

सवाल: क्या आयकर अधिनियम की धारा 80सी के अंतर्गत कटौती हेतु जीवन बीमा प्रीमियम, पीपीएफ, ईएलएसएस तथा पीएफ के अंतर्गत 1,50,000 रुपये जमा करने के बाद धारा 80सीसीई के अंतर्गत शून्य जमा के बावजूद भी एनपीएस में  रुपये 50,000 जमा करने पर धारा 80सीसीडी(1बी) के अंतर्गत कटौती मन्य होगी? -तूलिका, बलबीर रोड, देहरादून

जवाब: देखिये, धारा 80सीसीई के तहत कुल धन संचय अर्थात निवेश करने की सीमा निर्धारित की गई है, जिसके तहत धारा 80सी, 80सीसीसी तथा 80सीसीडी(1) के तहत कुल निवेश सीमा 1,50,000 रुपये की है। इससे अधिक पर छूट प्राप्त नहीं होगी। लेकिन, एनपीएस में 50000 रुपये निवेश कर आप अतिरिक्त छूट धारा 80 सीसीडी(1बी) के तहत ले सकती हैं।

सवाल: मैं सरकारी सेवा में हूं। वित्त वर्ष 2019-20 में मेरी कर योग्य शुद्ध आय 10 लाख रुपये है। क्या वित्त वर्ष 2019-20 में मुझे 2.5 लाख से पांच लाख कि आय पर कर देयता शून्य रहेगी या पांच प्रतिशत और पांच लाख से 10 लाख की आय पर आयकर कितना प्रतिशत देना होगा? स्टेंडर्ड डिडक्शन (मानक कटौती) कितना रुपये है? -अमिता, हल्द्वानी

जवाब: आपके संदर्भ में 2.5 लाख से पांच लाख रुपये की आय पर कर देयता 5 प्रतिशत और 5 लाख से 10 लाख रुपये की आय पर 20 प्रतिशत होगी। आपको आयकर की धारा 87ए के तहत कर छूट जो कि 12,500 रुपये है, प्राप्त नहीं होगी। इसकी वजह, आपकी आय 5 लाख रुपये से अधिक है। आपके लिए स्टेंडर्ड डिडक्शन 50,000 रुपये है।

सवाल: मेरी पत्नी को 15 साल का चिकित्सा भत्ता बकाया प्राप्त हुआ है। वो केंद्रीय विद्यालय में अघ्यापक है। इस भत्ता के साथ ही उनको 7वें वेतन आयोग के हिसाब से तीन साल का वेतन का भत्ता भी प्राप्त हुआ है। अब हमें ऐसा क्या करना होगा जिससे कर ना देना पड़े? -एस. के. टंडन

जवाब: देखिये, कर ना देना पड़े यह तो मैं नहीं बता सकता, लेकिन यह जरूरत बता सकता हूं कि आयकर नियमानुसार आप अपने कर दायित्व को कैसे कम सकते हैं। इस संदर्भ में आपको अपने नियोक्ता से आग्रह करना होगा कि वो प्राप्त भत्ता को संदर्भित वर्ष में विभाजित करके पुन: कर की गणना करें तथा आपको आयकर की धारा 89 के तहत कर राहत प्रदान करें। अगर आपका नियोक्ता ऐसा नहीं करता है तो फिर आप किसी परिचित सीए या एडोवोकेट से इस संदर्भ मे सहयोग प्राप्त
करें।

सवाल: एक करदाता जो कि वरिष्ठ नागरिक नहीं है। क्या मेडिकल खर्च 25,000 रुपये तक जो कि उसने अपने स्वयं तथा अपनी पत्नी के इलाज में किया है को आयकर की धारा 80डी के तहत क्लेम कर सकता है? -मनोज मिश्रा, दिल्ली

जवाब: जी नहीं। यह सुविधा केवल वरिष्ठ नागरिक को ही प्राप्त है। वे बिना मेडिकल इंश्योरेंस के मेडिकल व्यय पर अधिकतम 50,000 रुपये तक आयकर की धारा 80 डी के तहत दावा कर सकते हैं।

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चार्टर्ड एकाउंटेंट, बिजनेस डेस्क, हिन्दुस्तान, सी-164, सेक्टर-63, नोएडा - 201301.

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