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कर सलाह : सालाना आय के हिसाब से ही ITR भरें

tax saving

प्रश्न : मेरे फॉर्म 16 में सालाना आय वास्तविक आय से अधिक दिखाई गई है। क्या अपनी आईटीआर-1 भरते समय उसे ठीक करके भर सकता हूं? (अनुज कुमार, नारनोल)

उत्तर : आप अपना आईटीआर-1 को वास्तविक आय के हिसाब से ही जमा करें। परन्तु आपको तत्काल ही अपने नियोक्ता से सम्पर्क करके कहना होगा की वो अपनी टीडीएस की रिटर्न रिवाइज करें ताकि आपका फॉर्म-16 तथा 26 एएस भी ठीक हो सके। अन्यथा जो जानकारी फॉर्म 16 के तहत आ रही है आयकर विभाग उसी आधार पर ही आपकी आय का आकलन करेगा । 

प्रश्न : मैंने नोएडा में एक फ्लैट मई 2018 में बैंक से होम लोन लेकर खरीदा है। जिसका ब्याज लगभग दो लाख रुपये वित्तीय वर्ष 2018-19 में दिया गया है। मेरी नौकरी दिल्ली में है तथा में दिल्ली में किराये के फ्लैट में रह रहा हूं। नोएडा वाला फ्लैट किराये पर नहीं देने के कारण खाली है। टैक्स रिटर्न भरते समय हाऊस प्रॉपर्टी के इनकम के कॉलम में केवल सेल्फ ऑक्युपाईड तथा लेट आउट दो ही कॉलम है। लेट आउट सेलेक्ट करने पर किराये से आमदनी की राशि दिखाना अनिवार्य है। तो क्या में इस कॉलम में सेल्फ ऑक्युपाईड दिखा सकता हूं। क्या होम लोन ब्याज पर इनकम टैक्स छूट के लिए नौकरी या आवास वाले शहर के बाहर दूसरे शहर के फ्लैट को किराये पर देना अनिवार्य है? (पुरुषोतम मिश्र,जहांगीर पुरी)

कर सलाह : शिक्षण से आय पर भी इनकम टैक्स चुकाना होगा

उत्तर : आपको टैक्स रिटर्न भरते समय हाउस प्रॉपर्टी के इनकम के कॉलम में केवल सेल्फ आक्युपाईड वाले षीर्षक में नीचे ब्याज के कॉलम में जो होम लोन पर ब्याज अदा किया है वो दिखाना है। लेट आउट वाले कॉलम को सेलेक्ट नहीं करना है। नियमानुसार किसी भी व्यक्ति को कर निर्धारण वर्ष 2019-20 तक एक सेल्फ आक्युपाईड हाउस रखने की इजाजत है। कर निर्धारण वर्ष 2020-21 से दो सेल्फ आक्युपाईड हाउस रखे जा सकते हैं। अर्थात इस सीमा तक फ्लैट को डीम्ड टू बी लेट आउट नहीं माना जाएगा। आपके पास तो एक ही मकान है अत: इसे  ना तो किराये पर देना अनिवार्य  है ना ही इसे डीम्ड टू बी लेट आउट माना जाएगा ।  

प्रश्न : मेरे पुत्र ने जीवन बीमा पॉलिसी ली थी जब वह भारत का निवासी था। वर्तमान मे वह एनआरआई है तथा अमेरिका में रह रहा है। यदि वह अमेरिका का नागरिक बन जाता है तो उसका स्टेटस क्या रहेगा। उसके पास ना ही पैन कॉर्ड है और ना ही आधार कॉर्ड। (मोहित कुमार, अलिगढ़)

उत्तर : आपके पुत्रे ने भारत में रहते हुए बीमा पॉलिसी ली थी परन्तु अब वह अनिवासी भारतीय है। अनिवासी होने की अवस्था में उसकी पॉलिसी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। आप बीमा कंपनी की सर्विस ब्रांच को सम्पूर्ण स्थिति तथा अपने वर्तमान स्टेटस से अवगत कराएं। 

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  • Web Title:Tax Advice File Income Tax Return On Base of Annual Income