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घरेलू निवेशकों के दम पर शेयर बाजार ने भरी है ऊंची उड़ान

नई दिल्ली। हिन्दुस्तान ब्यूरोDrigraj Madheshia
Wed, 20 Oct 2021 08:29 AM
घरेलू निवेशकों के दम पर शेयर बाजार ने भरी है ऊंची उड़ान

कोरोना महामारी के बाद से भारतीय शेयर बाजार की उड़ान जारी है। मंगलवार को सेंसेक्स पहली बार ऐतिहासिक स्तर 62,245 अंक के सर्वकालिक उच्चस्तर तक पहुंच गया। हालांकि, अंत में यह गिरकर 61,716 अंक पर बंद हुआ। भारतीय बाजार की जोरदार तेजी में विदेशी निवेशकों का बड़ा हाथ मना जा रहा है, लेकिन हकीकत यह नहीं है। घरेलू बाजार को नई ऊंचाई पर ले जाने में देश के छोटे निवेशकों का बड़ा योगदान है।

एक करोड़ 52 लाख नए निवेशक जुड़े

घरेलू निवेशकों ने भारतीय बाजार को कैसे ऊपर ले जाने का काम किया है इसका प्रमाण नए निवेशकों के जुड़ने से मिलता है। 1 अप्रैल, 2021 से घरेलू निवेशकों की संख्या में एक करोड़ 52 लाख की बढ़ोतरी हुई है। यानी, इतने नए निवेशक बाजार से जुड़े हैं। हालांकि, बाजार में प्रत्यक्ष रूप से छोटे निवेशकों का कितना निवेश बढ़ा है इसका कोई आधिकारिक डेटा नहीं है। शेयर ब्रोकर का कहना है कि हाल के दिनों में विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेश में गिरावट से पता चलता है कि खुदरा निवेशकों ने बाजार में रैली लाने का काम किया है।

विदेशी निवेशकों ने निवेश घटाया

एनएसडीएल और सीडीएसएल के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2021 के अंत में डीमैट खातों की संख्या बढ़कर सात करोड़ हो गई। वहीं, पिछले 2,000 अंकों की रैली के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का शुद्ध निवेश केवल 13,500 करोड़ रुपये था, जबकि पिछले पांच 1,000 अंकों की रैलियों में से प्रत्येक में उन्होंने औसतन 45,000 करोड़ रुपये का निवेश किया था। घरेलू संस्थानों, जिन्होंने पिछली 2,000 अंकों की रैली में लगभग 19,200 करोड़ रुपये का निवेश किया है, ने 1 अप्रैल से लगभग 53,000 करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि एफपीआई ने 21,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

परंपरागत निवेश से बाजार की ओर रुख

सितंबर तिमाही में 58 लाख से अधिक नए डीमैट खाते खुले जो यह दर्शाता है कि निवेशकों ने अपनी बचत को पारंपरिक निवेश माध्यमों जैसे कि सोना, रियल एस्टेट और एफडी से स्टॉक में स्थानांतरित कर दिया है। ब्रोकरों का कहना है कि कोरोना महामारी ने छोटे निवेशकों को बाजार में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खुदरा निवेशक अपने मोबाइल फोन के जरिए शेयर खरीद-बिक्री कर रहे हैं जैसा पहले कभी नहीं हुआ। एनएसई पर शेयरों में मोबाइल ट्रेडिंग के माध्यम से औसत दैनिक कारोबार दो साल पहले 10% की तुलना में 20.44% हो गया है।

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