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20 लाख लोगों को रोजगार देंगे स्टार्टअप्स! मोदी सरकार सरकार बना रही योजना 

केंद्र सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने कहा है कि सरकार आने वाले समय में देश में स्टार्टअप इकाइयों को और प्रोत्साहित कर चार साल में रोजगार के 20 लाख नए अवसर सृजित करना...

20 लाख लोगों को रोजगार देंगे स्टार्टअप्स! मोदी सरकार सरकार बना रही योजना 
Drigraj Madheshiaएजेंसी,नई दिल्लीFri, 07 Jan 2022 10:07 AM

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केंद्र सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने कहा है कि सरकार आने वाले समय में देश में स्टार्टअप इकाइयों को और प्रोत्साहित कर चार साल में रोजगार के 20 लाख नए अवसर सृजित करना चाहती है।

6.5 लाख लोगों को रोजगार

 विभाग के सचिव अनुराग जैन ने गुरुवार को संवाददाताओं से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बातचीत में कहा कि सरकार स्टार्टअप को बढ़ावा देगी, जिससे अगले चार साल (2025 तक) की अवधि में रोजगार के 20 लाख नए अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ पंजीकृत स्टाअप इकाइयों में समय 6.5 लाख लोगों को रोजगार मिले हैं।

60 हजार से अधिक स्टार्टअप रजिस्टर्ड

डीपीआईआईटी ने 2016 से 60 हजार से अधिक स्टार्टअप को पंजीकृत किया है। उन्होंने कहा, 'औसतन हर स्टार्टअप में 11 लोगों को काम मिला हुआ है। स्टार्टअप से हमारे देश में क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं। नौकरी खोजने वाले, नौकरी देने वाले बन रहे हैं।'

 सरकार का अनुमान है कि स्टार्टअप क्षेत्र में प्रत्यक्ष नौकरी से औसतन तीन अप्रत्यक्ष नौकरियों के अवसर पैदा होते हैं। जैन ने विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि पिछले महीनों में जिन 14 विनर्मिाण क्षेत्रों के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं जारी की गई है, उनके अनुपालन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सरकार देश में कारोबार में आसनी के वातावरण को और बेहतर बनाने का प्रयास करेगी। 

डीपीआईआईटी सचिव ने कहा कि आने वाले समय में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को और सरल बनाने का विचार है। इसके अलावा सरकारी खरीद की नीति के माध्यम से घरेलू मूल्य-वर्धन को बढ़ावा दिया जाएगा।

परख पोर्टल और प्रयोगशालाओं को मान्यता देने की व्यवस्था

बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) व्यवस्था मजबूत बना कर देश में नव प्रवर्तन को प्रोत्साहित करना, लाजस्टिक्सि परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए विभागों के बीच समन्वय की पीएम गति शक्तिि योजना, ई-कामर्स और राष्ट्रीय खुदारा व्यापार नीति को अंतिम रूप देना ,भौगोलिक विशष्टिता वाले उत्पादों को मान्यता देने की अलग-अलग प्रणालियों को एक मंच पर लाने की व्यवस्था करना, परख पोर्टल और प्रयोगशालाओं को मान्यता देने की व्यवस्था का उन्नयन भी सरकार की प्राथमिकताओं में है।

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