DA Image
हिंदी न्यूज़ › बिजनेस › सौर ऊर्जा से चल रहे टीवी, फ्रिज-वॉशिंग मशीन ने बढ़ाई उपभोक्ताओं की दिलचस्पी, नामचीन कंपनियां भी कारोबार में उतरीं
बिजनेस

सौर ऊर्जा से चल रहे टीवी, फ्रिज-वॉशिंग मशीन ने बढ़ाई उपभोक्ताओं की दिलचस्पी, नामचीन कंपनियां भी कारोबार में उतरीं

नई दिल्ली। एजेंसीPublished By: Drigraj Madheshia
Tue, 14 Sep 2021 07:23 AM
सौर ऊर्जा से चल रहे टीवी, फ्रिज-वॉशिंग मशीन ने बढ़ाई उपभोक्ताओं की दिलचस्पी, नामचीन कंपनियां भी कारोबार में उतरीं

सौर ऊर्जा का उपयोग काफी तेजी से बढ़ रहा है और उपभोक्ता इसका जमकर उपयोग कर रहे हैं। इसमें कारोबारी भविष्य को देखते हुए छोटी कंपनियों के साथ देश की नामचीन कंपनियां भी इसमें उतरने के लिए होड़ करने लगी हैं। अडानी समूह और रिलायंस के अलावा एनटीपीसी और एनएचपीसी जैसी सरकारी कंपनियों ने भी इसमें भारी-भरकम निवेश की योजना बनाई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक अलग इकाई बनाकर 75 हजार करोड़ रुपये निवे्श का ऐलान भी हाल ही में किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी बनने की उम्मीद है।

सौर ऊर्जा कार्बन उत्सर्जन घटाने और खर्च बचाने में मददगार भी मददगार साबित हो रहा है। नोएडा के सेक्टर 80 इंडस्ट्रियल एरिया के करीब ऐसे 800 से अधिक घर हैं  जहां के निवासी फ्रिज-वॉशिंग मशीन समेत अन्य बिजली के उपकरणों को चलाने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं। यहां ज्यादातर घरों में लूम सोलर की ऑफ ग्रिड सौर ऊर्जा प्रणाली का उपयोग हो रहा है। सौर ऊर्जा को अपनाने के साथ, इन घरों में अब बिजली कटौती या बिजली नहीं रहने के किसी भी डर के बिना किसी भी समय विभिन्न बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग करने में सक्षम हैं। इससे उन्हें किसी भी अतिरिक्त खर्च से बचने में और उन्हें कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिली है। यहां लोगों ने अपने घर पर लूम सोलर की 2KW या 2000 वाट की क्षमता वाली ऑफ ग्रिड सौर ऊर्जा प्रणाली को तैनात किया है जो कि मोटर, पंखे, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी, फ्रिज आदि सभी बुनियादी जरूरतों के लिए पर्याप्त है  और जो अब 24 घंटे चलते हैं। 

सिर्फ तीन फीसदी बंजर जमीन पर 748 गीगावाट सौर ऊर्जा की क्षमता

भारत, अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण पर्याप्त सौर ऊर्जा उत्पन्न करने की एक बड़ी क्षमता और क्षमता रखता है। एमएनआरई के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान ने आकलन किया है कि केवल 3% बंजर भूमि लगभग 748 गीगावाट बिजली पैदा कर सकती है। लूम सोलर के सह-संस्थापक और निदेशक अमोल आनंद कहते हैं “यह दर्शाता है कि जहां भी हम सौर ऊर्जा का प्रयोग कर सकते हैं, हमें सौर ऊर्जा अपनानी चाहिए, जिसमें उद्योगों और घरों के अलावा ऐसे उपकरण भी शामिल हैं जिन्हें वाणिज्यिक वाहनों, यात्री कारों, दोपहिया आदि जैसे चलने के लिए जीवाश्म ईंधन की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि लूम सोलर का यह लिथियम आयन बैटरी जैसे बेहतर पावर बैकअप स्रोत की भी आवश्यकता को इस्तेमाल में लाता है जो कहीं अधिक कुशल होते हैं और सूरज ढलने पर उपकरणों को सुचारु रूप से चलाने के लिए गहरी क्षमता रखते हैं।”

संबंधित खबरें