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छोटे दुकानदार, फैक्ट्री कर्मचारी और रियल एस्टेट ब्रोकर को भी सरकार देगी पेंशन, जानें कैसे करना होगा आवेदन

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Sheetal
Wed, 24 Jul 2019 10:39 AM
छोटे दुकानदार, फैक्ट्री कर्मचारी और रियल एस्टेट ब्रोकर को भी सरकार देगी पेंशन, जानें कैसे करना होगा आवेदन

केंद्र सरकार ने छोटे व्यापारियों-दुकानदारों की पेंशन योजना को मंगलवार हरी झंडी दे दी। डेढ़ करोड़ रुपये तक सालाना कारोबार वाले इस योजना के तहत पेंशन पा सकेंगे। प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मान-धन योजना की अधिसूचित नियम-शर्तों के मुताबिक, 18 से 40 वर्ष का कोई भी कारोबारी इस योजना का लाभ उठा सकेगा। उसे हर माह के मामूली योगदान के बदले 60 साल की उम्र से करीब तीन हजार रुपये पेंशन मिलेगी। श्रम मंत्रालय ने कहा है कि करीब तीन करोड़ खुदरा व्यापारी, कारोबारी या अपने किसी उद्यम में लगे लोग इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। 

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली कैबिनेट बैठक में ही इस योजना को मंजूरी दी गई थी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में भी इसके लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मंत्रालय ने कहा है कि लघु व्यापारी के दायरे में दुकानदारों, खुदरा कारोबारियों, मिल के मालिक और कर्मचारियों, कमीशन एजेंट, रियल एस्टेट ब्रोकर, छोटे होटल-रेस्तरां के मालिक और कर्मचारी भी हैं।

सरकार ने कहा कि ऐसे छोटे दुकानदार अक्सर परिवार में लंबे समय से चले आ रहे उद्योग धंधे में लगे होते हैं, जिसमें कठिन परिश्रम, मौसम की मार और अन्य कठिनाइयों के साथ पूंजी की कमी रहती है। विशेषज्ञों ने कहा है कि यह प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना का विस्तार है, जिसमें असंगठित क्षेत्र के लोगों को बीमा और पेंशन का प्रावधान किया गया था। रिक्शाचालक, रेहड़ी-पटरी वाले, मिडडे मील वर्कर, कुम्हार-लोहार और घरेलू सहायक जैसे छोटे-मोटे काम करने वालों को इसका लाभ दिया गया था। सालाना 15 हजार रुपये से कम आय वाले इसके दायरे में थे।

एलआईसी करेगी योजना का प्रबंधन : इस योजना के संचालन के लिए सरकार एक पेंशन फंड बनाएगी और जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को इसके लिए पेंशन फंड मैनेजर चुना गया है। पेंशन संबंधी सभी रिकॉर्ड रखने के साथ इसके भुगतान की जिम्मेदारी भी एलआईसी पर होगी।
साझा सेवा केंद्र से कराएं नामांकन : श्रम मंत्रालय ने कहा कि नियम-शर्तों के तहत पात्र कोई भी व्यक्ति साझा सेवा केंद्रों के जरिये योजना में अपना नामांकन करा सकता है। देश में ऐसे सवा तीन लाख से ज्यादा सीएससी काम कर रहे हैं। योजना के तहत जितना अंशदान व्यापारियों का होगा, उतना ही सरकार अपनी ओर से देगी। योजना को 22 जुलाई 2019 से प्रभावी माना गया है।
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