Singapore govt said to seized Rs 44 crore of Nirav Modi - नीरव मोदी को एक और झटका, सिंगापुर कोर्ट ने दिया 44 करोड़ जब्त करने का आदेश DA Image
7 दिसंबर, 2019|11:04|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नीरव मोदी को एक और झटका, सिंगापुर कोर्ट ने दिया 44 करोड़ जब्त करने का आदेश

nirav modi

सिंगापुर उच्च न्यायालय ने एक भारतीय जांच एजेंसी की अर्जी पर अरबों रुपये की पंजाब नेशलन बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में आरोपी नीरव मोदी की बहन और बहनोई के वहां के बैंकों में जमा 44.41 करोड़ रुपये जब्त करने के आदेश दिए हैं। भारतीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि भारत में मनी लांड्रिंग जांच के सिलसिले में यह आदेश दिया गया है।

एजेंसी ने कहा कि जब्त किया गया खाता पैवेलियन प्वाइंट कारपोरेशन के नाम से बैंक खाता है। यह कंपनी ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में स्थित है। यह कंपनी से अंतत: लाभान्वित होने वाले व्यक्तियों में पूर्वी मोदी और मयंक मेहता का नाम बताया गया है। पूर्वी नीरव मोदी की बहन है और मयंक नीरव मोदी के बहनोई हैं। भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित नीरव इस समय लंदन में जेल में बंद हैं और उसे वहां से भारत के हवाले करने की कानूनी कार्रवाई चल रही है।

मेहुल चौकसी को लेकर HC के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा केंद्र

सिंगापुर उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय के आग्रह पर वहां जमा 61.22 लाख अमेरिका डालर (44.41 करोड़ रुपये) जब्त करने का आदेश दिया। अदालत ने इस आधार पर राशि जब्त करने का आदेश दिया कि बैंक खाते में जमा राशि अपराध की कमाई है जिसे नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक के कर्ज के साथ धाखाधड़ी कर के हासिल की है।

एजेंसी ने पिछले साल मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत जारी अस्थायी आदेश के तहत सिंगापुर में यह बैंक खाता कुर्क किया था। इसे इस साल मार्च में निर्णायक प्राधिकरण ने पुष्टि की थी। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह पीएनबी में 2 अरब डॉलर की धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी नीरव मोदी और उसकी बहन के स्विट्जरलैंड के चार बैंक खातों में जमा 283 करोड़ रुपये को स्विट्जरलैंड के अधिकारियों ने भारत में चल रही मनी लांड्रिंग जांच के सिलसिले में जब्त किये।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Singapore govt said to seized Rs 44 crore of Nirav Modi