
गुलजार रहा शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी ने लगाई लंबी छलांग, आखिर वजह क्या है?
एक दिन पहले की जबरदस्त बिकवाली के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में रौनक रही। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1100 अंक या करीब 2 फीसदी मजबूत होकर 57,905.63 अंक के पार पहुंच गया। वहीं, निफ्टी...
एक दिन पहले की जबरदस्त बिकवाली के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में रौनक रही। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1100 अंक या करीब 2 फीसदी मजबूत होकर 57,905.63 अंक के पार पहुंच गया। वहीं, निफ्टी की बात करें तो 300 अंक मजबूत हुआ और एक बार फिर 17,200 अंक के पार चला गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 886.51 अंक या 1.56 फीसदी की तेजी के साथ 57,633.65 अंक के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 265 अंक या 17,175 अंक के स्तर पर ठहरा।
आपको बता दें कि सोमवार को दोनों सूचकांक- सेंसेक्स और निफ्टी 1.5 फीसदी से अधिक गिरकर तीन महीने के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गए थे। बहरहाल, आइए जानते हैं कि मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी क्यों रही।
क्या है रिकवरी की वजह: कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर निवेशकों की चिंताएं कुछ कम हो रही हैं। इस वजह से निवेशकों का भरोसा भारतीय शेयर बाजार पर बढ़ रहा है। आईसीआईसीआई के पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज के फंड मैनेजर अमित गुप्ता ने कहा, "कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन केवल हल्के प्रभाव पैदा कर रहा है। चूंकि यह तेजी से फैल रहा है, इसलिए यात्रा प्रतिबंध की चिंताएं हैं।
अगर ऐसे अध्ययन हैं जो बताते हैं कि यह वेरिएंट डेल्टा जितना खराब नहीं होगा, तो बाजार निश्चित रूप से इसे बहुत सकारात्मक रूप से लेगा।" आपको बता दें कि अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग अधिकारी डॉ. एंथनी फौसी ने सीएनएन को बताया कि ओमिक्रॉन के बहुत ज्यादा प्रभाव डालने की आशंकाएं कम हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ओमिक्रॉन कम खतरनाक हो सकता है। इसका फायदा भारत, एशिया के अलावा दुनियाभर के शेयर बाजारों में भी देखने को मिला है।
- अमेरिकी करेंसी डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होन से भी निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी पूंजी के बेरोकटोक निकासी ने रुपये की तेजी को सीमित कर दिया है।
-स्वस्तिक इन्वेस्टमार्ट के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा: "हम एक बुल मार्केट में हैं, जहां हम पहला सार्थक सुधार देख रहे हैं। यह सुधार खरीदारी का अवसर भी है। यह कहना मुश्किल है कि 2021 के अंत तक निफ्टी 18000 के ऊपर बंद हो जाएगा लेकिन मेरा मानना है कि दिसंबर की दूसरी छमाही बाजार के लिए सकारात्मक रहने की संभावना है।"
-भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति कल अपने नीतिगत फैसले की घोषणा करेगी। भारतीय रिजर्व बैंक संभवत: नौवीं बैठक में भी रेपो रेट को स्थिर ही रहने दे। इस वजह से बैंकिंग स्टॉक मजबूत नजर आ रहे हैं।





