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हिंदी न्यूज़ बिजनेस7 दिन, 20 लाख करोड़ का नुकसान, कब तक बिगड़ा रहेगा शेयर बाजार का मूड

7 दिन, 20 लाख करोड़ का नुकसान, कब तक बिगड़ा रहेगा शेयर बाजार का मूड

बीते 10 दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए ठीक नहीं रहे हैं। इस दौरान 7 कारोबारी दिन में शेयर बाजार जबरदस्त बिकवाली के दौर से गुजरा है। सिर्फ 25 जनवरी के दिन को छोड़ दें तो बाजार लाल निशान पर ही...

7 दिन, 20 लाख करोड़ का नुकसान, कब तक बिगड़ा रहेगा शेयर बाजार का मूड
Deepak Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 27 Jan 2022 06:17 PM

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बीते 10 दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए ठीक नहीं रहे हैं। इस दौरान 7 कारोबारी दिन में शेयर बाजार जबरदस्त बिकवाली के दौर से गुजरा है। सिर्फ 25 जनवरी के दिन को छोड़ दें तो बाजार लाल निशान पर ही रहा। इसका असर ये हुआ कि निवेशकों को 20 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। 

निवेशकों को कितना नुकसान: 17 जनवरी यानी सोमवार के दिन बीएसई का मार्केट कैपिटल 2,80,02,437.71 करोड़ रुपए था, जो अब 27 जनवरी को घटकर 2,59,97,419.48 करोड़ रुपए पर आ गया है। शेयर बाजार में बिकवाली की वजह से बीएसई इंडेक्स का मार्केट कैपिटल 20.05 लाख करोड़ कम हो चुका है। ये एक तरह से निवेशकों का नुकसान है। 

वजह क्या है: भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली की कई वजह है। सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की शेयर बिक्री है। विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार से  स्टॉक बेचकर निकल रहे हैं। बीते मंगलवार को 7,094.48 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।

- अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को संकेत दिया कि मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिये ब्याज दर बढ़ाने को लेकर काफी गुंजाइश है। इस खबर की वजह से भारतीय शेयर बाजार में हलचल है। निवेशकों के बीच इस बात की आशंका है कि नीतिगत दर में वृद्धि के बाद भारत जैसे उभरते देशों से विदेशी पूंजी निकासी बढ़ेगी।

- कच्चे तेल की कीमतों ने भी शेयर बाजार को प्रभावित किया है। कच्चे तेल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल के पार हैं। हालांकि, गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.16 प्रतिशत गिरकर 89.82 डॉलर प्रति बैरल रहा। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति पक्ष से जुड़ी बाधाओं की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहने की आशंका है।
- आगामी 1 फरवरी को आम बजट में लोकलुभावन वादे हो सकते हैं। दरअसल, 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव को ध्यान में रखकर बजट पेश किए जाने की उम्मीद है। तमाम एक्सपर्ट मानते हैं कि सरकार अपनी राजकोषीय घाटा की चिंता को नजरअंदाज कर खर्च पर फोकस कर सकती है, जो इकोनॉमी के लिहाज से ठीक नहीं है।  

कब तक सुधार की उम्मीद: शेयर बाजार के एक्सपर्ट बता रहे हैं कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का ये सिलसिला आम बजट के दिन तक चलेगा। इसके बाद शेयर बाजार में रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। आरबीआई की मौद्रिक नीति की बैठक होने वाली है। इस दौरान भी बाजार में तेजी आ सकती है। 

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