Sensex Nifty close higher all eyes on US Fed policy meet - शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमा; सेंसेक्स, निफ्टी बढ़त के साथ बंद DA Image

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शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमा; सेंसेक्स, निफ्टी बढ़त के साथ बंद

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धातु, ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में लिवाली से शेयर बाजार मंगलवार को लाभ के साथ बंद हुए। हालांकि, अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की बैठक को देखते हुये निवेशकों ने सतर्कता बरती, जिससे बाजार की बढ़त सीमित रही। बंबई शेयर बाजार में 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में लगातार चार कारोबारी सत्रों से चली आ रही गिरावट का सिलसिला मंगलवार को थम गया और यह 85.55 अंक या 0.22 प्रतिशत बढ़कर 39,046.34 अंक पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 300 अंक का उतार चढ़ाव देखा गया। ऊंचे में यह 39,167.83 अंक तक गया और नीचे में 38,870.96 अंक तक आया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 19.35 अंक या 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,691.50 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान दिन में इसने 11,727.20 अंक का उच्चस्तर तथा 11,641.15 अंक का निचला स्तर भी छुआ।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट तथा रुपये की मजबूती से कारोबार के अंतिम घंटे में धारणा कुछ मजबूत हुई। सेंसेक्स की कंपनियों में वेदांता, कोल इंडिया, पावरग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक, एचसीएल टेक और बजाज फाइनेंस और इन्फोसिस के शेयर 2.47 प्रतिशत तक चढ़ गए। वहीं दूसरी ओर यस बैंक का शेयर 5.94 प्रतिशत टूट गया। मारुति, एशियन पेंट्स, सनफार्मा, एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी के शेयर 2.20 प्रतिशत तक नीचे आए।

निजी क्षेत्र की एयरलाइन जेट एयरवेज का शेयर 40.48 प्रतिशत टूट गया। जेट एयरवेज का परिचालन बंद है। कंपनी के ऋणदाताओं ने सोमवार को एयरलाइन के पुनरोद्धार के प्रयास छोड़ने और इस मामले को दिवाला कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में भेजने की घोषणा की। बीएसई मिडकैप में 0.08 प्रतिशत लाभ में रहा, जबकि स्मॉलकैप 0.42 प्रतिशत टूट गया। 

अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मंगलवार को शुरू हो रही बैठक से पहले निवेशकों ने सतर्कता बरती। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों के कमजोर तिमाही परिणाम, मानसून की धीमी प्रगति, कॉरपोरेट द्वारा कर्ज चुकाने में चूक और अमेरिका-भारत व्यापार विवाद की वजह से बाजार के लिए मौजूदा उच्चस्तर पर टिके रह पाना मुश्किल हो रहा है।

माना जा रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक नीतिगत दरों में बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में हैं। अन्य एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख रहा जबकि शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार लाभ में चल रहे थे। ब्रेंट कच्चा तेल 0.64 प्रतिशत के नुकसान से 60.55 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

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