DA Image
हिंदी न्यूज़ › बिजनेस › अडानी-अंबानी को छोड़िए, देश में बढ़ रही अरबपतियों की संख्या, विरासत नहीं अपने हुनर के दम पर बन रहे रईस
बिजनेस

अडानी-अंबानी को छोड़िए, देश में बढ़ रही अरबपतियों की संख्या, विरासत नहीं अपने हुनर के दम पर बन रहे रईस

नई दिल्ली। तनय सुकुमार स्नेहा एलेक्जेंडरPublished By: Drigraj Madheshia
Mon, 14 Sep 2020 12:49 PM
अडानी-अंबानी को छोड़िए, देश में बढ़ रही अरबपतियों की संख्या, विरासत नहीं अपने हुनर के दम पर बन रहे रईस

देश में हेल्थकेयर, रिटेल और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के तेज विस्तार से नए अरबपतियों की पौध तैयार हो रही है। सबसे बड़ी बात कि अब विरासत नहीं बल्कि हुनर की फैक्ट्री में अरबपतियों की नई पीढ़ी तैयार हो रही है। इस साल महज छह माह में मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की संपत्ति दोगुना से ज्यादा बढ़ी है। ऐसे में लोग यह सोचने लगे थे कि देश के अरबपतियों कि ज्यादातर ऐसे ही तीन-चार गिने लोगों के हाथ में होगी, लेकिन मिंट बिलेनायर की रिपोर्ट से मिले आंकड़ें बेहद चौकाने वाले हैं। इसके अपने हुनर के दम पर अरबपति बने लोगों की संपत्ति जहां बढ़ रही है। वहीं विरासत वाले लोगों का दबदबा अरबपतियों की सूची में घट रहा है।

विरासत का घट रहा दम

वर्ष 2000 में देश के कुल अरबपतियों की संपत्ति में 61 फीसदी हिस्सेदारी सिर्फ तीन अरबपतियों की थी। इसमें मुकेश अंबानी, राधाकृष्ण दमानी और शिव नाडर शामिल थे। वर्ष 2020 में इनकी कुल हिस्सेदारी घटकर महज 20 फीसदी रह गई। वहीं शीर्ष पांच अरबपतियों की बात करें तो उनकी हिस्सेदारी घटकर 26 फीसदी रह गई।

        अरबपतियों की संपत्ति

हुनर से विरासत को चुनौती

आंकड़ों के मुताबिक अपने दम पर अरबपति बनने वालों ने सिर्फ 20 साल में विरासत वाले अरबपतियों की कड़ी टक्कर दी है। मौजूदा समय में देश के कुल 102 अरबपतियों की संपत्ति में 50 फीसदी हिस्सेदारी अपने दम पर दौलतमंद बने लोगों की है। इनकी कुल संपत्ति 164 अरब डॉलर के करीब है। इसमें से ज्यादातर हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।

                  मुकेश अंबानी, राधाकृष्ण दमानी और शिव नाडर

कौन किस क्षेत्र में ज्यादा आगे

क्षेत्र विरासत खुद के दम पर
मैन्यूफैक्चरिंग 45 15
विविध 29 0
हेल्थकेयर 10 22
टेक्नोलॉजी 0 17
अन्य 17 47
कुल 42 60


(102 अरबपतियों के आंकड़े फीसदी में)

ऐसे हुआ सर्वे

मिंट ने इसके लिए फोर्ब्स की अरबपतियों की सूची, पीटरशन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल इकोनॉमी (पीआईआईई) के शोध पत्र से आंकड़े जुटाए हैं। इसमें उन 102 अरबपतियों को शामिल किया गया है जिनकी संपत्ति 7500 करोड़ रुपये (एक अरब डॉलर) या अधिक है। इसमें हुनर और विरासत वाले अरबपतियों को कई पैमानों पर परखा गया है। भारत समेत वैश्विक आंकड़ों को भी शामिल किया गया है।

संबंधित खबरें