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बिजनेसSEBI: टॉप 1000 लिस्टेड कंपनियों के लिए लाभांश वितरण नीति अनिवार्य

एजेंसी,नई दिल्लीPublished By: Sheetal Tanwar
Wed, 12 May 2021 03:55 PM
SEBI: टॉप 1000 लिस्टेड कंपनियों के लिए लाभांश वितरण नीति अनिवार्य

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनी के काम करने के तरीके और सूचनाओं के खुलासे की व्यवस्था को मजबूत करने उद्देश्य से कुछ नये नियम अधिसूचित किये हैं। नए नियमों में कहा गया है कि शीर्ष 1,000 सूचीबद्ध कंपनियों को अनिवार्य रूप से अपनी लाभांश वितरण नीति बनानी होगी।

निवेशक बैठक की रिकॉर्डिंग करानी होगी उपलब्ध
सेबी संविधन और जोखिम प्रबंधन समिति की भूमिका और सार्वजनिक शेयरधारक के रूप में एक प्रमोटर के पुन वर्गीकरण को आसान बनाने के लिए नई नीति तैयार की है। साथ ही विश्लेषक और निवेशक की बैठकों की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराने के लिए भी कहा है। 

सेबी ने बदले नियम
यह रिकार्डिंग कंपनी को अगले कारोबारी दिवस अथवा 24 घंटे के भीतर शेयर बाजारों को भी उपलब्ध करानी होगी। उसने व्यावसायिक जिम्मेदारी और निरंतरता रिपोर्ट के बारे में भी नियम अधिसूचित किये है। सेबी ने दरसल सूचीबद्धता और प्रकटीकरण आवश्यकता नियमों में संशोधन किया है। यह नए नियम पांच मई से प्रभावी हो गए हैं।

1000 टॉप कंपनियों को मानने होंगे नियम
अधिसूचना में सेबी ने कहा है कि बाजार पूंजीकरण के लिहाज से शीर्ष 1,000 सूचीबद्ध कंपनियों के लिए लाभांश वितरण नीति बनाना अनिवार्य होगा। इससे पहले शीर्ष 500 कंपनियों के लिए यह नियम लागू था।

लाभांश वितरण नीति वेबसाइट पर डाल सकती है कंपनी
सेबी ने कहा है कि अन्य सूचीबद्ध कंपनियां स्वैच्छिक आधार पर अपनी लाभांश वितरण नीति को अपनी वेबसाइट पर डाल सकती है अथवा उसके लिये वार्षिक रिपोर्ट में वेब- लिंक उपलब्ध करा सकती हैं।

जोखिम प्रबंधन समिति करनी होगी गठित
इसके साथ ही जोखिम प्रबंधन समिति गठित करने की आवश्यकता को भी मौजूदा शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों से बढ़ाकर बाजार पूंजीकरण के लिहाज से शीर्ष 1,000 कंपनियों के लिये अनिवार्य कर दिया गया है। आरएमसी में कम से कम तीन सदस्य होंगे जिनमें कम से कम एक स्वतंत्र निदेशक होगा और जयादातर सदस्य निदेशक मंडल के निदेशक होंगे। अधिसूचना में और भी कई तरह के बदलवों का उल्लेख किया गया है।

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