DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

छोटे निवेशकों की पूंजी होगी और सुरक्षित, SEBI ने म्यूचुअल फंड कंपनियों के लिए बदले नियम

म्यूचुअल फंड कंपनियों को अपना समूचा निवेश चरणबद्ध तरीके से सूचीबद्ध या सूचीबद्ध होने जा रहे शेयरों में स्थानांतरित करना होगा। छोटे निवेशकों के निवेश को और सुरक्षित बनाने के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी ने यह निर्देश दिया है। 

स्मार्ट सिटी के लिए फंड जुटाना आसान हुआ 
सेबी के निदेशक मंडल की बुधवार को बैठक में फैसला किया गया कि बिना रेटिंग वाले ऋण उत्पादों में निवेश 25% से घटाकर पांच प्रतिशत करना होगा। वहीं, गैर सूचीबद्ध गैर परिवर्तनीय डिबेंचरों (एनसीडी) में ढील देते हुए निवेश की अधिकतम सीमा 10 प्रतिशत तक हो सकती है। इस तरह का निवेश सुगम ढांचे वाले गैर सूचीबद्ध एनसीडी में किया जाना चाहिए। सेबी न सूचीबद्ध कंपनियों में सार्वजनिक शेयर हिस्सेदारी बढ़ाए जाने पर कहा कि इस योजना पर कदम उठाने से पहले विभिन्न मुद्दों पर गौर किये जाने की जरूरत है। अभी तो सार्वजनिक क्षेत्र की कई कंपनियों न्यूनतम 25 प्रतिशत सार्वजनिक शेयर हिस्सेदारी के नियम को ही पूरा नहीं कर सकी हैं। साथ ही स्टार्टअप को सूचीबद्ध करने के नियम को सरल बनाया गया है। 

विदेशी निवेशकों को राहत मिली : सेबी ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए नियामकीय व्यवस्था को आसान करते हुए बुधवार को उनके लिए केवाईसी (ग्राहक को जानो) नियमों को सरल बनाया। साथ ही बाजार के बाहर प्रतिभूतियों के लेनदेन की अनुमति भी दी है। सेबी के बोर्ड की बैठक के दौरान इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने और उसमें तेजी लाने के मद्देनजर ये कदम उठाए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को तीन के बजाए दो श्रेणियों में बांटा जाएगा। बाजार नियामक ने बोर्ड की बैठक के बाद कहा, रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर एच. आर. खान की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश के आधार पर एफपीआई नियमों को नए सिरे से तैयार किया गया है। .

शेयर बायबैक के नियमों में दी ढील
सेबी ने सूचीबद्ध कंपनियों के लिए शेयर पुनर्खरीद या वापस खरीदने के नियमों को उदार किया है। विशेषरूप से ऐसी कंपनियां जिनकी आवास वित्त या गैर बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र (एनबीएफसी) में अनुषंगी इकाइयां हैं के लिए पुनर्खरीद नियमों में ढील दी गई है। सूचीबद्ध कंपनियों की शेयर पुनर्खरीद की निगरानी सेबी पुनर्खरीद नियमन के साथ कंपनी कानून के तहत निगरानी की जाती है।

स्मार्ट सिटी के लिए फंड जुटाना आसान हुआ 
सेबी ने स्मार्ट शहरों और नगर पालिकाओं की तरह शहरों में नियोजन और शहरी विकास कार्यों में काम कर रही पंजीकृत इकाइयों की मदद के लिए नगर निगम बांड (मुनि बांड) जारी करने के नियमों में ढील देने की घोषणा की। इससे स्मार्ट सिटी के लिए फंड जुटाना आसान हो गया है। इसके तहत ये इकाइयां ऋण प्रतिभूति जारी कर कोष जुटाने और उसे सूचीबद्ध कराने की अनुमति होगी।

डिफॉल्ट होने पर रेटिंग एजेंसियों को जानकारी देनी होगी
सेबी ने कंपनियों को ऋण चूक या डिफॉल्ट से संबंधित पूरी जानकारी रेटिंग एजेंसियों को मुहैया करानी अनिवार्य कर दिया है। यह निर्णय ऐसे स्थिति में किया गया है जबकि बैंक अपने ग्राहकों की गोपनीयता का हवाला देकर कंपनियों की ओर से ऋण की किस्ते चुकाने में देरी या चूक होन की जानकारी देने से कतराते हैं। बड़ी कंपनियों के ऋण भुगतान में चूक के कई मामले आए हैं। इससे रेटिंग एजेंसियां भी सवालों के घेरे में हैं।

भेदिया कोराबार की सूचना पर एक करोड़ का इनाम  
सेबी ने भेदिया कारोबार मामलों को बाहर लाने के मकसद से सूचना देने वालों को इनाम के रूप में एक करोड़ तक देने की घोषणा की है। जानकारी देने वाले की गोपनीयता बनाये रखने के साथ पूरी जानकारी साझा करने के लिए हॉटलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही जांच में सहयोग के बदले छोटी गड़बड़ियों के लिए माफी या उसका निपटान का प्रावधान किया गया है।

ITR फाइल करने के लिए बचे हैं 10 दिन, वर्ना- ‘DIN’ के जरिये नोटिस भेजेगा इनकम टैक्स विभाग

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:SEBI changes rules for Mutual fund companies