एसबीआई ने किया अलर्ट: अगर इन नंबरों से कॉल आए तो हो जाएं सावधान
मुख्य बातें
- अगर आप एसबीआई का क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड का इस्तेमाम करते हैं तो सावधान हो जाएं
- साइबर ठग आपको रिवार्ड प्वाइंट रिडेम्पशन के नाम पर आपको भारी चूना लगा सकते हैं
- एसबीआई ने अपने ग्राहकों को एसएमएस..

अगर आप एसबीआई का क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड का इस्तेमाम करते हैं तो सावधान हो जाएं। साइबर ठग आपको रिवार्ड प्वाइंट रिडेम्पशन के नाम पर आपको भारी चूना लगा सकते हैं। एसबीआई ने अपने ग्राहकों को एसएमएस भेज कर उन नंबरों को भी बताया है, जिससे आपके पास ऐसे फ्राड कॉल कर सकते हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने एसएमएस में कहा है कि 1800 या 1860 से शुरू होने वाले नंबर से अगर आपके पास फोन जाए तो अपने क्रेडिट कार्ड की कोई भी डिटेल साझा न करें।
यही नहीं बैंक ने कोरोना वायरस से संबंधित ई-मेल या सोशल मीडिया पोस्ट का जवाब देने को लेकर चेतावनी देते हुए ट्वीट किया है कि पहले सुनिश्चित करें कि आप जानकारी के स्रोत और विश्वसनीयता की जाँच करें। इसके अलावा, किसी के साथ कोई व्यक्तिगत या वित्तीय विवरण साझा न करें।
Watch out before you respond to e-mails or social media posts related to corona virus. Make sure that you check the source and credibility of the information. Also, do not share any personal or financial details with anyone.#Covid19 #Fraud #FraudAlert #CoronavirusScams #Beware pic.twitter.com/CRuTbgA6C7
बता दें EMI रुकवाने के नाम पर भी अब साइबर ठक सक्रिय हो गए हैं। आपकी एक छोटी सी चूक से सारी जमा पूंजी ठगों के हाथ लग सकती है। ऐसे ठगों ये बचने के लिए देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों को अलर्ट किया है। एसबीआई ने कहा है कि साइबर जालसाजों ने लोगों को ठगने के लिए नए तरीके खोजे हैं। साइबर अपराधियों को हराने का एकमात्र तरीका सतर्क और जागरूक होना है।
ऐसे भी हो रही ठगी
- धोखेबाज आपको बैंक के प्रतिनिधि के रूप में आपको कॉल करेगा। वह खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताते हुए आपको बताएगा कि RBI द्वारा घोषित ईएमआई अधिस्थगन का लाभ कैसे उठा सकते हैं।
- आपको कोई शक न हो इसके लिए वह आपकी जन्म तिथि, आधार नंबर, पता आदि जैसे विवरणों को सत्यापित करने का दिखावा करेगा। इसके बाद फ्रॉड कॉलर ईएमआई, क्रेडिट कार्ड पर ईएमआई स्थगन के बारे में विस्तार से बताएगा। आप इस सुविधा का लाभ कैसे उठा सकते हैं, इसके लिए वह आपकी मदद करने का दिखावा करेगा। इस दौरान वह नियम और शर्तों के बारे में भी बताएगा ताकी आपको कोई संदेह न हो।
- जब आप पूरी तरह उस पर भरोसा कर लेते हैं तो ईएमआई अधिस्थगन प्राप्त करने में आपकी मदद करने के लिए वह आपको भरने के लिए एक ऑनलाइन फॉर्म भेजेगा। यह फॉर्म कार्ड नंबर, सीवीवी, समाप्ति तिथि जैसे विवरण मांगेगा। आपका विश्वास हासिल करने के लिए कॉलर आपको सूचित करेगा कि आपको अपने फोन पर एक ओटीपी मिलेगा, जिसे लेन-देन की पुष्टि करने के लिए आपको उसके साथ साझा करना होगा।
- आपके ऐसा करते ही वह आपकी जानकारी के बिना ऑनलाइन फॉर्म में आपके द्वारा साझा किए गए कार्ड विवरण के साथ एक ऑनलाइन लेनदेन शुरू करेगा और फिर आपके फोन पर प्राप्त ओटीपी के लिए पूछेगा और जैसे ही आपने OTP बताई, आपका खाता साफ।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


