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एनपीएस में 50 हजार की अतिरिक्त छूट, ऐसे करें टैक्स की बचत

एनपीएस में सालाना दो लाख रुपये तक के निवेश पर छूट पाई जा सकती है। धारा 80सी में 1.5 लाख के अलावा एनपीएस में सालाना 50,000 रुपये का निवेश कर धारा 80सीसीडी(1बी) के तहत टैक्स बचत कर सकते हैं। किसी एक साल में हालांकि इस निवेश पर धारा 80सीसीडी (1) और 80सीसीडी (1बी) के तहत कर छूट का दावा नहीं किया जा सकता। दो लाख तक के प्रीमियम पर 45050 हजार तक अधितकम टैक्स छूट पाई जा सकती है। 

वित्तीय वर्ष की शुरुआत के करीब दो महीने हो चुके हैं और अगर आप टैक्स बचाने के लिहाज से बचत और निवेश की योजनाओं में पूंजी लगाना चाह रहे हैं तो देर मत करिए। नौकरीपेशा वर्ग के लिए यह बेहद अहम समय है, क्योंकि उसे नियोक्ता को निवेश संबंधी जानकारी भी देनी होती है। ऐसे में हम आपको ऐसी कुछ सुरक्षित योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं, जिनमें पूंजी लगाकर आप कम से कम एक लाख रुपये की टैक्स की बचत कर सकते हैं। पेश है हिन्दुस्तान टीम की रिपोर्ट.

संगठित क्षेत्र के नौकरीपेशा और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के बीच एनएससी, एफडी, किसान विकास पत्र जैसे छोटी अवधि की स्कीमें काफी लोकप्रिय हैं। इसके अलावा पीपीएफ, एनपीएस जैसी मध्यम और दीर्घ अवधि की बचत योजनाएं भी हैं, जिन पर आयकर की धारा 80सी के तहत छूट मिलती है। इसके अलावा धारा 80 सीसीडी1(बी), 80डी और 24 (बी) हैं। इन सभी धाराओं में अधिकतम निवेश या टैक्स छूट की सीमा तय है और अलग-अलग टैक्स स्लैब वाले व्यक्ति के लिए टैक्स बचत के मौके भी अलग-अलग हैं। .
 

धारा 80सी में सबसे अधिक बचत 

धारा 80सी के तहत आप अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स बचा सकते हैं। अगर आपकी सालाना आय सात लाख रुपये है और आपने अधिकतम 1.5 लाख रुपये इसमें निवेश किया है तो आपकी आय 5.5 लाख रुपये मानकर उसके हिसाब से टैक्स गणना की जाएगी। सरकार वैसे ही पांच लाख रुपये तक करयोग्य आय को पूरी रिबेट दे चुकी है। 

ऐसे में आपकी कर देनदारी काफी कम हो जाएगी। इसमें पीपीएफ, एनएससी, पांच साल की एफडी, पांच साल एनएससी, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम, सुकन्या योजना शामिल है। बच्चों की ट्यूशन फीस, होम लोन के मूलधन के भुगतान पर भी छूट मिलती है। बीमा पेंशन प्लान धारा 80सीसीसीसी, एनपीएस धारा 80सीसीडी (1) इसी के तहत आते हैं। इस पर 30 से 45 हजार रुपये की टैक्स छूट मिल सकती है। .

हेल्थ इंश्योरेंस : सुरक्षा और बचत भी 

स्वास्थ्य बीमा पर चुकाया गया प्रीमियम आयकर की धारा 80डी के तहत सुरक्षा के साथ टैक्स की बचत देते हैं। आप अपने लिए, बच्चों या पति/पत्नी के साथ माता-पिता के लिए भी स्वास्थ्य बीमा लेकर उस पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। 

इसमें 60 साल से कम उम्र के व्यक्ति के लिए 25,000 रुपये तक के प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलती है। 60 साल से ज्यादा उम्र के मां-बाप के लिए हेल्थ इंश्योरेंस 30,000 रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट का लाभ मिलता है। आपने वित्तीय वर्ष में कोई हेल्थ चेकअप कराया है तो भी उस पर 5000 का लाभ मिलता है। 60 साल से अधिक उम्र के शख्स अगर अपने लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेते हैं तो उन्हें 60,000 रुपये तक के प्रीमियम पर दस हजार तक टैक्स छूट मिलती है। .

खरीदे गए घर पर भी टैक्स बचा सकते हैं 

आयकर की धारा 24 (बी)के तहत आप तैयार मकान खरीदने पर टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं। अपने रहने के लिए खरीदी गई इस तरह की प्रॉपर्टी पर लोन के बदले मूलधन और ब्याज दोनों पर टैक्स छूट की सुविधा ली जा सकती है। होम लोन के मूलधन पर धारा 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है। 

जबकि ब्याज के रूप में चुकाई गई दो लाख रुपये तक की रकम पर टैक्स छूट पा सकते हैं। इस पर दस हजार से करीब 62 हजार रुपये की टैक्स छूट पाई जा सकती है।

निवेश की योजना बनाएं 
अगर आप वित्तीय वर्ष में नए निवेश की सोच रहे हैं तो इसकी जानकारी अपनी नियोक्ता कंपनी को दे दें। अगर पिछले साल के अलावा कोई अन्य निवेश की योजना बना रहे हैं तो उसे भी फॉर्म में लिख दें। हालांकि ध्यान रखें कि जो भी घोषणा कर रहे हैं और उसके अनुरूप निवेश नहीं करते हैं तो आप पर जुर्माना भी लग सकता है। 


आयकर छूट भी बढ़ी 
सरकार ने अंतरिम बजट में घोषणा की थी कि पांच लाख रुपये तक कर योग्य आय पर पूरी कर छूट (टैक्स रिबेट) दी जाएगी। इससे अगर आपकी साढ़े सात से नौ लाख रुपये तक भी सालाना आय है तो इन योजनाओं के साथ तमाम अन्य निवेश योजनाओं के जरिये एक भी रुपया टैक्स दिए बिना पूरी बचत कर सकते हैं। इसके लिए आप किसी कर विशेषज्ञ से भी सलाह ले सकते हैं। 

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  • Web Title:Save up to one lakh rupees tax from these four schemes