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25 नवंबर, 2020|5:06|IST

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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत, जानें किसे होगा फायदा

rupee vs dollar

अमेरिका की करेंसी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में जोरदार तेजी आई है। विदेशी कोषों की आवक जारी रहने और अमेरिका तथा चीन के बीच व्यापार समझौते की उम्मीद के चलते बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 3 पैसे मजबूत होकर 74.30 (अनंतिम) के स्तर पर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले पिछले एक हफ्ते में ये एक फीसदी से ज्यादा मज़बूत हुआ है।

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अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 74.34 पर खुला और दिन का कारोबार खत्म होने पर 74.30 के स्तर पर बंद हुआ, जो मंगलवार के बंद भाव 74.33 के मुकाबले तीन पैसे की बढ़त को दर्शाता है।  दिन के कारोबार के दौरान रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 74.24 का ऊपरी स्तर और 74.46 का निचला स्तर देखा। इसबीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.06 प्रतिशत बढ़कर 93.07 पर रहा। 

रुपये के मजबूत होने से इन क्षेत्रों को होगा लाभ

कच्चा तेल की कीमतों में रुपये की मजबूती से राहत मिलेगी, क्योंकि यह आयात किया जाता है। कच्चे तेल का आयात बिल में कमी आएगी और विदेशी मुद्रा कम खर्च करना होगा। वहीं रुपये की मजबूती से भारत में सस्ते कैपिटल गुड्स मिलेंगे। रुपये मजबूत हो तो इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र को भी लाभ हासिल होगा, क्योंकि सस्ते इलेक्ट्रॉनिक गु्ड्स आयात किए जा सकेंगे।  रुपये की मजबूती का सकारात्मक असर जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर पर दिखाई देगा। इससे यह सस्ता होगा और आयात पर भी इसका असर आएगा। 

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उर्वरक की कीमत घटेगी: भारत बड़ी मात्रा में जरूरी उर्वरकों और रसायन का आयत करता है। रुपये की मजबूती से यह भी सस्ता होगा। आयात करने वालों को यह कम दाम में ज्यादा मिलेगा। इससे इस क्षेत्र को सीधा फायदा होगा। साथ ही किसानों को भी लाभ होगा,उनकी लागत घटेगी जिससे आय बढ़ेगी।
 
रुपये की मजबूती ने इन क्षेत्रों को झटका

रुपये की मजबूती से आईटी सेक्टर पर प्रतिकूल असर आएगा। कंपनियों को मिलने वाले काम पर आय कम होगी जिससे उनको नुकसान होगा। वहीं  दवा का निर्यात भी घटेगा। हालांकि, भारत बड़ी मात्रा में दवा और उसका कच्चा माल आायत करता है जिसमें उसे थोड़ी राहत मिलगी।  रुपया मजबूत होने से विदेशी में पढ़ाई करना महंगा हो जाएगा। साथ ही विदेश यात्रा भी महंगी हो जाएगी। रुपया मजबूत होता है तो टेक्सटाइल सेक्टर को निर्यात में काफी नुकसान होता है। टेक्सटाइल निर्यात में भारत वैश्विक रैकिंग में फिलहाल दूसरे स्थान पर मौजूद है। यदि रुपया मजबूत हुआ तो इस सेक्टर को भी काफी नुकसान होगा। 

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  • Web Title:Rupee stronger by seven paise against US dollar know who will benefit