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10 मई, 2021|1:32|IST

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डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे गिरा, रुपये की कमजोरी से इन क्षेत्रों को फायदा

Indian Rupee against Dollar

प्रमुख मुद्राओं के समक्ष अमेरिकी डॉलर में मजबूती लौटने और स्थानीय शेयर बाजार में गिरावट के बीच गुरुवार को रुपया 11 पैसे नरम होकर प्रति डॉलर 72.83 (अनंतिम) पर बंद हुआ। अंतर बैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बजार में डॉलर-रुपया दर 72.99 पर कमजोरी के साथ खुली। रुपया एक समय मजबूत हो कर 72.62 तक पहुंच गया था। 

अंत में विनिमय दर 72.83 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई। यह पिछले दिन के मुकाबले रुपये में 11 पैसे की नरमी दर्शाता है। बुधवार को डॉलर-रुपया दर 72.72 पर बंद हुई थी। छह प्रमुख मुद्राओं के समक्ष डॉलर की स्थिति का संकेत देने वाला डॉलर सूचकांक 0.27 प्रतिशत सुधर कर 91.19 पर पहुंच गया था।   वैश्विक बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल का वायदा भाव 0.34 प्रतिशत गिर कर 63.85 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था।

डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से इनको नुकसान

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कच्चा तेल पर असर: इस क्षेत्र को रुपये की कमजोरी से सबसे ज्यादा नुकसान होता है, क्योंकि यह आयात किया जाता है। कच्चे तेल का आयात बिल में बढ़ोतरी होगी और विदेशी मुद्रा ज्यादा  खर्च करना होगा। 

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कैपिटल गुड्स और इलेक्ट्रॉनिक सामान: रुपये की मजबूती से इस सेक्टर को भी राहत मिलती क्योंकि रुपये की मजबूती से भारत में सस्ते कैपिटल गुड्स मिलते हैं। वहीं रुपया कमजोर हो तो कैपिटल गुड्स के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र को भी नुकसान , क्योंकि समहंगे इलेक्ट्रॉनिक गु्ड्स आयात किए जा सकेंगे।  

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उर्वरक की कीमत बढ़ेगी:  भारत बड़ी मात्रा में जरूरी उर्वरकों और रसायन का आयात करता है। रुपये की कमजोरी से यह भी महंगा होगा। आयात करने वालों को यह अधिक दाम में कम मिलेगा। इससे इस क्षेत्र को सीधानुकसान होगा। वहीं रुपये की कमजोरी का नकारात्मक असर जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर पर दिखाई देगा। इससे यह महंगा होगा और आयात पर भी इसका असर आएगा। 

रुपये की कमजोरी से इन क्षेत्रों को फायदा

आईटी क्षेत्र: रुपये की कमजोरी से  कंपनियों को मिलने वाले काम पर इनकम बढ़ेगी, जिससे उनको फायदा होगा। 
दवा निर्यात:  रुपया कमजोर होने से इस सेक्टर का निर्यात भी बढ़ेगा। 
कपड़ा क्षेत्र को फायदा: रुपया मजबूत होता है तो इस सेक्टर को निर्यात में काफी नुकसान होता है। वहीं कमजोर होता है तो फायदा। टेक्सटाइल निर्यात में भारत वैश्विक रैकिंग में फिलहाल दूसरे स्थान पर मौजूद है। यदि रुपया कमजोर हुआ तो इस सेक्टर को भी काफी फायदा होगा। 
पढ़ाई सस्तर होगी: रुपया कमजोर होने से विदेशी में पढ़ाई करना सस्ता हो जाएगा। साथ ही विदेश यात्रा भी सस्ती हो जाएगी।

 

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