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हिंदी न्यूज़ बिजनेसGood News: म्यूचुअल फंड से पैसा तीन दिन में निकाल सकेंगे, 15 की जगह 7 दिन में खाते में आएगा लाभांश

Good News: म्यूचुअल फंड से पैसा तीन दिन में निकाल सकेंगे, 15 की जगह 7 दिन में खाते में आएगा लाभांश

छोटे निवेशकों की म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) और शेयर बाजार (Stock Market) में बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए उनके निवेश को और आकर्षक बनाने के साथ उसकी सुरक्षा के लिए भी कई तरह के बदलाव को मंजूरी दी है

Good News: म्यूचुअल फंड से पैसा तीन दिन में निकाल सकेंगे, 15 की जगह 7 दिन में खाते में आएगा लाभांश
Drigraj Madheshiaनई दिल्ली। हिन्दुस्तान ब्यूरोTue, 04 Oct 2022 05:34 AM

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छोटे निवेशकों की म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) और शेयर बाजार (Stock Market) में बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए उनके निवेश को और आकर्षक बनाने के साथ उसकी सुरक्षा के लिए भी कई तरह के बदलाव को मंजूरी दी है। इसके तहत म्यूचुअल फंड से पैसा निकालने पर अब वह महज तीन दिन में आपके खाते में आ जाएगा।

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इसी तरह म्यूचुअल फंड का लाभांश भी खाते में आने में महज सात दिन लगेगा। इसके अलावा बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय या उससे राशि निकलाने की स्थिति में दोस्तरीय सत्यापन भी अनिवार्य कर दिया है। बाजार नियामक का मानना है कि इससे निवेशकों को किसी धोखाधड़ी से बचाने में मदद मिलेगी।

यूनिट बेचने पर जल्द खाते में आएगी राशि

सेबी ने डिजिटल लेनदेन में तेजी और सुविधाजनक होने के फायदे को देखते हुए म्यूचु्अल फंड यूनिट को बेचने की स्थिति में लगने वाले समय को एक तिहाई कम कर दिया है। इसमें 10 दिन की जगह अब महज तीन दिन में ही आपके खाते में राशि आ जाएगी। वहीं, म्यूचु्अल फंड का लाभांश आने में भी लगने वाला समय घटकर आधा रह जाएगा। लाभाशं अब 15 दिन की बजाय सात दिन में आ जाएगा।

खरीद-बिक्री का दो स्तरीय सत्यापन

सेबी ने निवेशकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए म्यूचुअल फंड यूनिट में खरीद-फरोख्त के लिए दोस्तरीय सत्यापन की प्रक्रिया को लागू करने का फैसला किया है। सेबी ने कहा कि इस संबंध में नया मसौदा अगले साल एक अप्रैल से लागू किया जाएगा। इस फैसले के बाद म्यूचुअल फंड यूनिट की खरीद एवं उन्हें भुनाने के समय सत्यापन के लिए दोस्तीय सत्यापन (ऑनलाइन लेनदेन) और हस्ताक्षर पद्धति (ऑफलाइन लेनदेन) का इस्तेमाल किया जाएगा।

इस तरह होगा सत्यापन

गैर-डीमैट लेनदेन के दोस्तरीय सत्यापन के दौरान यूनिट-धारक के मोबाइल फोन या ईमेल पर वन-टाइम पासवर्ड भेजा जाएगा। वहीं डीमैट लेनदेन की स्थिति में डिपॉजिटरी की तरफ से दोस्तरीय सत्यापन के लिए तय प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। सेबी ने स्पष्ट किया है कि प्रणालीगत लेनदेन की स्थिति में इस तरह के सत्यापन की जरूरत सिर्फ पंजीकरण के समय ही होगी। वर्तमान में सभी परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को ऑनलाइन लेनदेन के लिए द्वि-स्तरीय सत्यापन और ऑफलाइन लेनदेन के लिए हस्ताक्षर लेकर निकासी लेनदेन का सत्यापन करना होता है।

ऑनलाइन बॉन्ड मंच सेबी के दायरे में होंगे

बाजार नियामक सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों की बिक्री करने वाले ऑनलाइन बॉन्ड मंच के प्रदाताओं की सुविधा के लिए एक नियामक नियामकीय रूपरेखा पेश करेगा। ढांचे के तहत, ऐसे मंच को सेबी के साथ स्टॉक ब्रोकर (ऋण खंड) के रूप में पंजीकृत या सेबी पंजीकृत ब्रोकर द्वारा चलाया जाना चाहिए।

आईपीओ खुलासा नियमों को सख्त किया

सेबी ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए खुलासा जरूरतों को कड़ा करने को मंजूरी दी है। सेबी के अनुसार, निर्गम लाने वाली कंपनी के लिए पिछले लेनदेन और कोष जुटाने की गतिविधियों के आधार पर प्रस्ताव मूल्य का खुलासा करना अनिवार्य है। सेबी के निदेशक मंडल ने आईपीओ के लिए शुरुआती दस्तावेज जमा करने पर विचार कर रही कंपनियों को गोपनीय तरीके से नियामकीय सूचना देने की अनुमति देकर एक वैकल्पिक तंत्र शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

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