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29 अक्तूबर, 2020|4:31|IST

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अडाणी एंटरप्राइजेज में एक रुपये निवेश का रिटर्न अब 800 गुना : गौतम अडाणी

ढाई दशक पहले अडाणी एंटरप्राइजेज में किए गए निवेश पर अब रिटर्न 800 गुना हो चुका है। अडाणी समूह के प्रमुख गौतम अडाणी ने सोमवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनका बुनियादी ढांचा समूह अब कई 'मंचों का एकीकृत मंच बन चुका है। 'जे.पी. मॉर्गन इंडिया शिखर सम्मेलन-भविष्य पर ध्यान को संबोधित करते हुए अडाणी ने कहा कि उनकी कंपनी बंदरगाह से लेकर हवाईअड्डे और ऊर्जा वितरण तक के क्षेत्रों में काम करती है। समूह के इस मॉडल ने शेयर बाजार की प्रमुख छह कंपनियों को खड़ा किया। इसने हजारों लोगों को नौकरी दी और शेयरधारकों के लिए अभूतपूर्व मूल्य का निर्माण किया।

कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ा

अडाणी ने कहा, ''अडाणी एंटरप्राइजेज ने 1994 में अपना पहला आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम) पेश किया था और उस समय कंपनी किए गए एक रुपये के निवेश पर अब 800 गुना रिटर्न है। कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ देने वाले 58 वर्षीय अडाणी ने जिंसों के व्यापार से अपना कारोबार शुरू किया था। अब अडाणी समूह देश की सबसे बड़ी बंदरगाह प्रबंधन कंपनी है। साथ ही देश की सबसे बड़ी हवाईअड्डा परिचालक कंपनी बनने की ओर अग्रसर है। कंपनी गैस वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा, खनन, रक्षा और कृषि जिंसों में भी कारोबार करती है।

भारत की बुनियाद मजबूत, 2050 तक दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा

दिग्गज उद्योगपति गौतम अडाणी ने जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में गिरावट के बारे में संकीर्ण सोचों को खारिज करते हुए कहा कि देश की बुनियाद मजबूत है और भारत 2050 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार अवसरों के मामले में देश दुनिया के अन्य समकक्ष देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है।   जेपी मोर्गन इंडिया समिट में अडाणी समूह के चेयरमैन ने कहा कि आत्म निर्भर भारत कार्यक्रम पासा पलटने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा, ''मैं बिना झिझक के कहना चाहूंगा कि मेरे विचार से अगले तीन दशकों में भारत दुनिया के लिए व्यापार के लिहाज से सबसे बड़ा अवसर होगा।

महामारी के बाद भारत में अवसर तेजी से बढ़ेंगे 

अडाणी ने कहा कि भारत की भू-रणनीतिक स्थिति और बड़ा बाजार उसे अपने समकक्ष देशों के मुकाबले बेहतर बनाता है। उन्होंने कहा कि महामारी के दूसरी तरफ भारत में अवसर तेजी से बढ़ेंगे।  उन्होंने कहा, ''जीडीपी गणित के प्रशंसकों के लिए कुछ आंकाड़ों पर गौर करते हैं। वर्ष 1990 में वैश्विक जीडीपी 38,000 अरब डॉलर था। आज 30 साल बाद यह आंकड़ा 90,000 अरब डॉलर है। अगले तीस साल में यानी 2050 में जीडीपी 1,70,000 अरब डॉलर हो जाने का अनुमान है। उस समय तक भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा।

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  देश की आर्थिक वृद्धि दर में चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 23.9 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी एक प्रमुख वजह महामारी और लॉकडाउन है। पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में चार दशक में पहली बार अर्थव्यवस्था में गिरावट का अनुमान है। उद्योगपति ने कहा कि वैश्विक संकट के कारण देश को जो थोड़े समय के लिए झटका लगा है, उसके कारण संभावनाओं और क्षमताओं को खारिज नहीं कर सकते क्योंकि उसकी बुनियाद अभी भी अक्षुण्ण बना हुआ है।

1500 से 2000 अरब डॉलर पूंजी की जरूरत

उन्होंने कहा, ''आज अर्थव्यवस्था का स्थति के आकलन के लिए जीडीपी का आकलन मुख्य आधार बन गया है। यह नहीं देखा जा रहा कि देश अगले एक दशक में कैसा हो सकता है। मेरे विचार से धैर्य और दीर्घकालीन रणनीति तथा सबसे महत्वपूर्ण सरकार के व्यापार एजेंडे के साथ तालमेल एक बेहतर मूल्य सृजित करता है।भारत के समक्ष चुनौतियों के बारे में अडाणी ने कहा कि देश को अगले दशक तक 1500 से 2000 अरब डॉलर पूंजी की जरूरत है, लेकिन राष्ट्रीय निवेश और बुनियादी ढांचा कोष जैसे संरचनात्मक सुधारों के बावजूद पूंजी ढांचा चुनौतियां तथा अधिकार प्राप्त और स्वतंत्र नियामकों की कमी देश निर्माण और निवेश अवसरों के रास्ते में बाधा बने हुए हैं।

पासा पलटने वाला साबित होगा आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम

उन्होंने कहा, ''एक उद्यमी के रूप में मैं आशावादी हूं और इसीलिए मुझे अवसर दिख रहे हैं। हो सकता है, आप जो देख रहे हैं, उससे यह अलग हो। मैं इस बात को मानता हूं कि अल्पकालीन सोच के आधार पर आप दीर्घकालीन भविष्य का निर्माण नहीं कर सकते....। अडाणी ने मंच से कहा कि वह सभी देशों को पश्चिमी देशों की वृद्धि के गणित के नजरिये से देखना बंद करे। उन्होंने कहा, ''लोकतंत्र की खासियत अलग है। उसे एक ही चश्मे से नहीं देखा जा सकता और हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि विभिन्न देशों के लोकतंत्र और पूंजीवाद का अपना रूप-रंग होगा। अडाणी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम पासा पलटने वाला साबित होगा। '' कोविड-19 संकट से आपूर्ति व्यवस्था की समस्या का पता चला। भारत उस व्यवस्था को दुरूस्त करने के साथ डिजिटल बदलाव की दिशा में ठोस काम कर रहा है, इससे अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण में मदद मिलेगी।

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  • Web Title:Return of one rupee investment in Adani Enterprises now 800 times Gautam Adani