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रिलायंस इंडस्ट्रीज का Q1 मुनाफा बढ़कर 10,104 करोड़ रुपए; टेलीकॉम, रिटेल कारोबार बढ़ा

reliance industries limited  photo by mint

मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) का शुद्ध मुनाफा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 6.80 प्रतिशत बढ़कर 10,104 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी के कुल कारोबार में दूरसंचार सेवा और खुदरा कारोबार जैसे उपभोक्ता व्यवसाय का हिस्सा बढ़ा है। कंपनी के परंपरागत पेट्रोकेमिकल और रिफाइनिंग कारोबार में आई कमी को अब दूरसंचार और रिलायंस रिटेल जैसी सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ा व्यवसाय करने वाली कंपनियों के बढ़ते कारोबार से पूरा किया जा रहा है। कंपनी के कर पूर्व मुनाफे में इन दोनों व्यवसाय का हिस्सा एक तिहाई तक पहुंच गया है।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही (अप्रैल से जून 2018) में उसे 9,459 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था। जबकि पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही (जनवरी से मार्च 2019) में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 10,362 करोड़ रुपये हुआ था जा कि उसकी किसी भी तिमाही में हुआ सर्वाधिक मुनाफा है। कंपनी ने कहा कि इस दौरान उसका एकीकृत राजस्व बढ़कर रिकार्ड 1,72,956 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी के मुताबिक उसके उपभोक्ता कारोबार की कर पूर्व मुनाफे में हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से बढ़कर 32 प्रतिशत पर पहुंच गयी है।

खुदरा कारोबार 'रिलायंस रिटेल की कर पूर्व कमाई दो हजार करोड़ रुपये को पार कर गयी, जबकि दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो का मुनाफा 45.60 प्रतिशत बढ़कर 891 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी ने कहा कि आलोच्य तिमाही के दौरान उसने नये खुदरा स्टोर खोले तथा जियो के साथ 2.46 करोड़ नये ग्राहक जुड़े। जून तिमाही में जियो का प्रति उपभोक्ता औसत राजस्व 122 रुपये मासिक रहा। यह मार्च तिमाही में 126.20 रुपये था।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा कि खुदरा इकाई किसी भी अन्य पक्ष की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रही है। इस इकाई के पास अब 6,700 से अधिक शहरों में 230 लाख वर्गफुट से अधिक खुदरा क्षेत्र है। आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी के पंजीकृत उपभोक्ताओं की संख्या 10 करोड़ के पार हो गयी। तिमाही के दौरान उसके स्टोरों में 15 करोड़ ग्राहक पहुंचे। कंपनी ने बताया कि पेट्रोरसायन कारोबार का कर पूर्व मुनाफा इस दौरान 4.40 प्रतिशत गिरकर 7,508 करोड़ रुपये पर आ गया। तेल रिफाइनिंग कारोबार का कर पूर्व कमाई भी 15.2 प्रतिशत घटकर 4,508 करोड़ रुपये रह गई। कंपनी का सकल रिफाइनिंग मार्जिन अप्रैल- जून 2019 में 8.1 डालर प्रति बैरल रहा जो कि पिछले साल के 10.5 डालर प्रति बैरल से काफी कम है।

कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने परिणाम के बारे में कहा, ''कमजोर वैश्विक वृहद आर्थिक माहौल तथा हाइड्रोकार्बन बाजार की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बाद भी पहली तिमाही में हमारा प्रदर्शन मजबूत रहा है। हमारे पेट्रोलियम कारोबार ने मांग में सुस्त वृद्धि तथा अधिक आपूर्ति के बाद भी शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कहना है कि उसने निवेश चक्र मुख्य तौर पर पूरा कर लिया है और उसका कुल बकाया कर्ज मार्च 2019 अंत के 287,505 करोड़ रुपये से बढ़कर 30 जून 2019 को 288,243 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी के पास उपलब्ध नकदी इस दौरान 1,33,027 करोड़ रुपये से कम होकर 1,31,710 करोड़ रुपये रह गई।

रिलायंस ने अपना टावर कारोबार बेचने की भी घोषणा की। उसने कहा कि ब्रुकफील्ड उसके टावर कारोबार में 25,215 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी ने शेयर बाजारों को दी सूचना में कहा, ''रिलायंस इंडस्ट्रीज की पूर्ण अनुषंगी रिलायंस इंडस्ट्रियल इनवेस्टमेंट्स एंड होल्डिंग्स ने ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट कंपनी से संबद्ध बीआईएफ- IV जारविस इंडिया के साथ समझौता किया है। समझौते के तहत ब्रुकफील्ड (सह-निवेशकों के साथ) 25,215 करोड़ रुपये का निवेश टावर इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट द्वारा जारी किये जाने वाले यूनिटों में करेगा।

ब्रुकफील्ड का निवेश सरकार और नियामकीय मंजूरी पर निर्भर है। रिलायंस इंडस्ट्रियल इनवेस्टमेंट्स एंड होल्डिंग्स इस ट्रस्ट की प्रायोजक है। उसके पास रिलायंस जियो इंफ्राटेल प्राइवेट लि. (आरजेआईपीएल) में 51 प्रतिशत शेयर पूंजी है। हाल में आरजेआईपीएल में ही रिलायसं जियो की टावर संपत्ति स्थानांतरित की गयी है।
सूचना के अनुसार, ''ब्रुकफील्ड के निवेश से प्राप्त राशि का उपयोग आजेआईपीएल की मौजूदा वित्तीय देनदारी के भुगतान में किया जाएगा और शेष आरजेआईपीएल की 49 प्रतिशत इक्विटी शेयर पूंजी अधिग्रहण करने में किया जाएगा जो फिलहाल रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास है।"

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  • Web Title:Reliance Industries Q1 net rises 6 percent consumer businesses contribute a third of margins