कोरोना संकट के बीच निवेशकों के लिए लंबी रेस का घोड़ा बनी मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज
मुख्य बातें
- कोरोना संकट के बीच दुनियाभर के निवेशकों का रुझान रिलायंस जियो में बढ़ता जा रहा है
- फेसबुक और सिल्वर लेक के बाद विस्टा इक्विटी ने जियो प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी खरीदी है
- बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि..

कोरोना संकट के बीच दुनियाभर के निवेशकों का रुझान रिलायंस जियो में बढ़ता जा रहा है। फेसबुक और सिल्वर लेक के बाद विस्टा इक्विटी ने जियो प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी खरीदी है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जियो के दम पर निवेशक रिलायंस इडस्ट्रीज में दांव लगा रहे हैं। इसी के चलते फेसबुक और सिल्वर लेक के बाद विस्टा इक्विटी पार्टनर्स ने रिलायंस जियो में निवेश किया है। सऊदी अरामको भी रिलायंस में निवेश करने की तैयारी में है। इसकी भी घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।
विस्टा इक्विटी पार्टनर्स बड़ी निवेशक कंपनी
विस्टा इक्विटी पार्टनर्स ने रिलायंस समूह के जियो प्लेटफॉर्म्स में 11,367 करोड़ रुपये में 2.32 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा शुक्रवार की। कंपनी ने एक बयान में कहा, इसके लिए जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर आधारित मूल्य (इक्विटी वैल्यू) 4.91 लाख करोड़ रुपये है। उद्यम मूल्य (एंटरप्राइज वैल्यू) 5.16 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। विस्टा की भारत में पहले से मौजूदगी है। उसके निवेश वाली कंपनियों में करीब 13,000 लोग नौकरी करते हैं।
यह भी पढ़ें: रिलायंस को दिसंबर तक पूरी तरह से कर्जमुक्त करना चाहते हैं मुकेश अंबानी, जानिए क्या है रणनीति
किसी कंपनी की इक्विटी वैल्यू उसकी मौजूदा, भविष्य की क्षमताओं को दिखाती है जबकि एंटरप्राइज वैल्यू कंपनी की वास्तविक बैलेंस शीट की तरह ही होती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक, मुकेश अंबानी इस डील पर कहते हैं कि विस्टा एक मूल्यवान सहयोगी और वैश्विक प्रौद्योगिकी निवेशकों में से एक है। हमारे अन्य निवेशकों की तरह विस्टा भी हमारे भारतीय डिजिटल ढांचे को लगातार बढ़ाने और सभी भारतीयों के लिए लाभकारी होगा।
छोटे निवेशक सावधानी से निवेश करें
जियोजित फाइनेंसियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने हिन्दुस्तान को बताया कि छोटे निवेशकों को अभी रिलायंस के शेयरों में निवेश काफी सावधानी से करनी चाहिए। रिलायंस पेट्रोलियम को भारी नुकसान हुआ है। रिलायंस के शेयरों में यह तेजी जियो के कारण है। हालांकि, राइट्स इश्यू आने पर भाव में करेक्शन दिख सकता है और एक बार फिर से 1300 के स्तर पर आ सकता है। ऐसे में अभी इंतजार करना बेहतर हो सकता है। लंबी अवधि में रिलायंस के शेयर 2000 के स्तर को भी पार करेंगे इसमें भी कोई शक नहीं है।
टेक्नोलॉजी कंपनी बन गई जियो
जियो अब टेलीकॉम कंपनी नही रही यह टेक्नोलॉजी कंपनी बन गई है। कम से कम फेसबुक, सिल्वर लेक और विस्टा का निवेश तो यही दिखाता है। सिल्वर लेक सभी टेक कंपनियों में निवेश करती है। इनमें एयरबीएनबी, अलीबाबा, आंट फाइनेंशियल, अल्फाबेट की वैरिली एंड वायमो यूनिट्स, डेल टेक्नोलॉजी और ट्वीटर प्रमुख कंपनियां हैं। जियो प्लेटफॉर्म उसी दिशा में अपना कदम बढ़ा रही है।
क्या है जियो प्लेटफॉर्म?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पूर्ण *स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स एक अगली पीढ़ी की डिजिटल प्रौद्योगिकी कंपनी है। इसमें कंपनी की जियो एप, डिजिटल पारिस्थितिक और दूरसंचार एवं तेज गति की इंटरनेट सेवा शामिल है। कंपनी की दूरसंचार सेवा के देशभर में करीब 38.8 करोड़ उपभोक्ता हैं।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


