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27 फरवरी, 2020|12:23|IST

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रियल एस्टेट: निर्माणाधीन मकान न बिकना इस सेक्टर की असली परेशानी

केंद्र सरकार ने पूंजी की कमी से जूझ रहीं निर्माणाधीन परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का फंड बनाने को मंजूरी भले ही दे दी है, लेकिन विशेषज्ञ रियल एस्टेट में संकट की वजह कुछ और ही बता रहे हैं।

उनका कहना है कि रियल एस्टेट के संकट का असली कारण निर्माणाधीन घरों की बिक्री न होना है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कई सालों तक लगातार ईएमआई चुकाने के बावजूद घरों के न मिलने से खरीदारों का निर्माणाधीन परियोजनाओं से भरोसा उठ गया है। ऐसी अधूरी परियोजनाओं के घर न बिकने से बिल्डरों को पूंजी नहीं मिल पा रही है। यहां तक कि अधूरी परियोजनाओं में अगर कुछ संख्या में फ्लैट तैयार भी हैं तो भी खरीदार उसमें गाढ़ी कमाई नहीं फंसाना चाहते। वे बिजली, पानी, सड़क जैसी सभी नागरिक सुविधाओं से लैस परियोजना में ही तैयार घर खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

नोएडा को लाभ होगा
रियल एस्टेट कंपनियों के प्रमुख संगठन क्रेडाई की एनसीआर इकाई ने कहा कि 2,500 करोड़ रुपये की मदद से नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सकारात्मक नेटवर्थ वाली अटकी पड़ी ज्यादातर परियोजनाओं को पूरा किया जा सकता है। इससे 50,000 घर खरीदारों को लाभ मिलेगा।

डिमांड-सप्लाई में अंतर 
डेवलपर जहां मौजूदा तैयार या अधूरे घरों की बिक्री की कोशिश में हैं, वहीं ज्यादातर खरीदार पुराने निर्माणाधीन घरों से जुड़ी परियोजनाओं में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में घर नहीं बिके हैं, वहां बिजली-पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी नहीं हैं।

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  • Web Title:Real Estate Sector real issue is under construction property are not selling