DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सख्तीः रिजर्व बैंक ऐसी सेवा देने वाले बैंकों और कंपनियों के लिए जारी करेगा दिशा-निर्देश

RBI

भारतीय रिजर्व बैंक इस सप्ताह मोबाइल वॉलेट को लेकर नए नियम बनाने की दिशा में कदम उठा सकता है। इसके लिए आरबीआई मोबाइल वॉलेट की सेवा देने वाले बैंकों और कंपनियों के लिए जल्द ही  क्रियात्मक दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।
इस तरह की परियोजना के साथ जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि केंद्रीय बैंक मोबाइल वॉलेट कंपनियों और बैंकों को इस तरह की सेवाएं उपलब्ध कराने का अधिकारी देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के साथ प्रमाणीकरण और एकीकरण प्रक्रिया जरूरी बनाने का आदेश दे सकता है। ऐसी कंपनियों और बैंकों को आगामी अक्तूबर तक इस प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि बैंकों (केवाईसी) और प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (पीपीआई) को एनपीसीआई के साथ प्रमाणीकरण प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी है। इसके लिए अभी तीन से चार महीने और लग सकते हैं। इस बाबत आरबीआई की ओर से जारी होने वाली गाइडलाइन इस प्रक्रिया को अपरिहार्य बनाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल बैंकों और पीपीआई क्षेत्रों को आरबीआई की ओर से गाइडलाइन जारी होने का इंतजार है। इससे पहले अक्तूबर में आरबीआई ने अंतरसक्रियता पर बैंकों और पीपीआई को निर्देश जारी किया था। साथ कहा था कि इसके लिए क्रियात्मक दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। 

भारत ने ओपेक को किया आगाह, कच्चे तेल के बढ़ रहे दाम से घटेगी मांग
आरबीआई ने अपने पहले निर्देश में कहा था कि पीपीआई जारी करने वाले (बैंक और गैर बैंकिंग संस्थाओं) को निर्देश जारी होने के छह माह के भीतर ग्राहकों की केवाईसी पूरी करना जरूरी होगा। ऐसे पीपीआई यूपीआई की मदद से सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इसी तरह अक्तूबर 2017 में जारी निर्देश में केंद्रीय बैंक ने कहा था कि वॉलेट और बैंक खाते के बीच अंतरसक्रियता की प्रक्रिया यूपीआई के जरिये पूरी होती है। इसी तरह कार्ड के रूप में जारी होने वाली पीपीआई के लिए भी यह जरूरी है। 

मुनाफावसूली से बाजार ने शुरुआती बढ़त गंवाई, सेंसेक्स 219 अंक टूटा

पीपीआई उद्योग पर बढ़ी परेशानी
आरबीआई की ओर से ग्राहकों की केवाईसी को जरूरी बनाने के बाद पिछले कुछ महीनों से पीपीआई उद्योगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। केंद्रीय बैंक ने 1 मार्च को निर्देश जारी कर मोबाइल वॉलेट के लिए रिवाइज केवाईसी करने को कहा था। आरबीआई से लाइसेंस लेने वाले एक वॉलेट कंपनी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि इस कदम के बाद अंतरसक्रियता का लाभ लेना कठिन हो गया और कई ग्राहकों ने वॉलेट से पल्ला झाड़ लिया।

लेनदेन में गिरावट
13,100 करोड़ रुपये था मोबाइल वॉलेट से लेनदेन फरवरी 2018 में
10,000 करोड़ रुपये रह गया मोबाइल वॉलेट से लेनदेन मार्च 2018 में
310 मिलियन लेनदेन मोबाइल वॉलेट से किए गए फरवरी में
268 मिलियन रह गई लेनदेन की यह संख्या घटकर मार्च में

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:RBI will issue guidelines for banks and companies offering mobile wallet services