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बिजनेसक्रिप्टोकरेंसी के प्रतिबंध को लेकर आरबीआई ने जारी किया बड़ा बयान, जानें क्या है 

लाइव हिन्दुस्तान टीम ,नई दिल्ली Published By: Tarun Singh
Tue, 01 Jun 2021 03:27 PM
क्रिप्टोकरेंसी के प्रतिबंध को लेकर आरबीआई ने जारी किया बड़ा बयान, जानें क्या है 

अपनी कीमतों में अप्रत्याशित उछाल और गिरावट को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाली क्रिप्टोकरेंसी पर एक बार फिर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बयान जारी किया है। आरबीआई का नया निर्णय क्रिप्टोकरेंसी इंवेस्टर्स के लिए राहत भरी खबर है। आरबीआई ने कहा है कि 2018 का सर्कुलर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से ही प्रभावी नहीं है। आरबीआई ने अपने बयान में कहा, 'सर्कुलर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीख से ही निरस्त है।' 

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2018 के सर्कुलर में क्या था 

काफी लम्बे समय से यह चर्चा चल रही थी कि आने वाले समय में बिटक्वाइन सहित तमाम क्रिप्टोकरेंसी को सरकार बैन कर देगी। इसकी बड़ी वजह 2018 में जारी आरबीआई का सर्कुलर था, जिसके बाद भारत में क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर प्रतिबंध लग गया था। हालांकि, तब सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसी पर रोक लगाने से मना कर दिया था। भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अभी कोई निश्चित गाइडलाइन नहीं है।

बिटक्वाइन पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट का मानना है कि आरबीआई की इस स्पष्टीकरण के बाद आने वाले दिनों में क्रिप्टोकरेंसी में और लोग इनवेस्ट करेंगे। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के ट्वीट के बाद से ही लगातार क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में गिरावट आ रही है। 

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इसे खरीदा-बेचा कैसे जाता है। 

आप Bitcoin को क्रिप्टो एक्सचेंज से या सीधे किसी व्यक्ति से ऑनलाइन (पियर-टू-पियर) खरीद सकते हैं। दूसरे वाला माध्यम खासा जोखिम भरा है और इसे धोखेबाज भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि इसके एक्सचेंज भी किसी तरह के नियमन से नियंत्रित नहीं होते लेकिन भारत में इन्हें दीवानी और आपराधिक कानूनों के दायरे में रखा गया है, जैसे कांट्रैक्ट एक्ट, 1872 तथा भारतीय दंड संहिता, 1860। इनमें निवेश करने से पहले जांच लें कि एक्सचेंज का पंजीकृत पता कहां है और वह भारतीय कानून के अधीन निगमित है या नहीं। कुछ एक्सचेंज केवाईसी और एंटी मनीलॉड्रिंग प्रक्रियाओं का भी पालन करवाते हैं।

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