DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   बिजनेस  ›  आलू-प्याज की महंगाई पर लगेगी लगाम, मोदी सरकार करने जा रही यह बड़ा काम, दिवाली से पहले गिरेंगे दाम

बिजनेसआलू-प्याज की महंगाई पर लगेगी लगाम, मोदी सरकार करने जा रही यह बड़ा काम, दिवाली से पहले गिरेंगे दाम

एजेंसी,नई दिल्लीPublished By: Drigraj Madheshia
Fri, 30 Oct 2020 05:43 PM
आलू-प्याज की महंगाई पर लगेगी लगाम, मोदी सरकार करने जा रही यह बड़ा काम, दिवाली से पहले गिरेंगे दाम

महंगाई की पिच पर वैसे तो दालें, तेल और हरी सब्जियां भी उछल रही हैं पर आम आदमी के किचन के बजट को सबसे ज्यादा बिगाड़ रहे हैं आलू, प्याज और टमाटर के दाम। आलू और प्याज का विकेट गिराने के लिए मोदी सरकार ने भी अब काफी कड़ी फिल्डिंग सजाई है। प्याज के भंडारण की सीमा निर्धारित करने से लेकर उसके निर्यात तक पर प्रतिंबध लगाया चुका है। अब मोदी सरकार आलू की घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को काबू में लाने के लिए भूटान से 30,000 टन आलू का आयात करने जा रही है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी देते हुए आज कहा कि 7,000 टन प्याज का आयात किया जा चुका है, दिवाली से पहले इसकी 25,000 टन खेप और आने की संभावना है।

 गोयल ने डिजिटल तरीके से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''प्याज का खुदरा मूल्य पिछले तीन दिनों से 65 रुपये किलो पर स्थिर है। सरकार ने बढ़ती कीमतों पर लागू लगाने के लिये कई कदम उठाये हैं। समय पर निर्यात पर पाबंदी लगायी और आयात के लिये पहल की गयी।  उन्होंने कहा कि सरकार ने दिसंबर तक प्याज के आयात पर धूम्र-शोधन (फ्यूमिगेशन) की शर्तों में ढील दी है। अबक 7,000 टन प्याज निजी व्यापारियों ने आयात किये हैं।

मंत्री ने कहा, ''इसके अलावा 25,000 टन प्याज दिवाली से पहले आने की उम्मीद है। आयात के अलावा मंडियों में अगले महीने नई खरीफ फसल की आवक शुरू होने से आपूर्ति स्थिति सुधरेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा।  गोयल ने कहा कि सरकार ने प्याज के आयात को लेकर 'फ्यूमिगेशन नियमों में ढील दी है। साथ ही प्याज के बीजों के निर्यात को प्रतिबंधित किया गया है। इसके अलावा जमाखोरी रोकने के लिये व्यापारियों पर भंडार सीमा लगाये गये हैं। सरकार की तरफ से बफर स्टॉक रखने वाला नाफेड खुले बाजार में बिक्री कर रहा है।

अबतक नाफेड ने 36,488 टन प्याज की बिक्री की है। आलू के मामले में गोयल ने कहा कि सब्जी की कीमत बढ़ रही है और अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य 42 रुपये किलो पर पिछले तीनों दिनों से स्थिर बना हुआ है।  उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार ने आलू के आयात के लिये कदम उठाये हैं। करीब 30,000 टन आलू भूटान से अगले दो-तीन दिनों में आ जाएगा।  मंत्री ने कहा, ''हम करीब 10 लाख टन आलू का आयात कर रहे हैं और कीमतों को काबू में रखने के प्रबंध किए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Gold Price Today: हाजिर मांग के कारण सोना-चांदी वायदा में तेजी, कच्चा तेल भी उछला

बता दें सरकार ने प्याज बीजों के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से लगा दी है। घरेलू बाजार में प्याज की कीमतों में उछाल के मद्देनजर सरकार ने यह कदम उठाया है। अभी इसके निर्यात पर नियंत्रण लगे हुए थे और बिना लासेंसे लिए इसका निर्यात नहीं किया जा सकता था। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि प्याज बीज के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जा रही है। भारी बारिश की वजह से प्याज की खरीफ की खड़ी फसल को काफी नुकसान हुआ है। इससे पिछले कुछ सप्ताह के दौरान प्याज का भाव 70 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है।

केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्याज व्यापारियों को छंटाई और पैकिंग के लिए तीन दिन का समय दिया जायेगा उसके बाद ही भंडारण की सीमा लागू होगी। सरकार ने कहा कि मंडियों से प्याज की खरीद के दिन से व्यापारियों को उसकी ग्रेडिंग और पैकिंग के लिए तीन दिन का समय मिलेगा। भंडारण की सीमा इसके बाद लागू होगी। प्याज की कीमतों में उछाल के बाद सरकार ने 23 अक्टूबर से खुदरा और थोक व्यापारियों के लिए प्याज भंडारण की सीमा लागू कर दी है। यह सीमा दिसंबर अंत तक लागू रहेगी। खुदरा व्यापारियों के लिए भंडारण की सीमा दो टन है जबकि थोक व्यापारी 25 टन तक प्याज रख सकते हैं। 

यह भी पढ़ें: मंडी भाव: सरसों में तेजी, कच्चा पॉम, सोयाबीन, मूंगफली तेल में गिरावट

व्यापारियों को भंडारण सीमा की वजह से बाजार में प्याज निकालने में दिक्कतें आ रही हैं। इसके चलते उन्हें तीन दिन का समय देने का फैसला किया गया है। कीमतों पर अंकुश तथा घरेलू आपूर्ति बढ़ाने तथा संभावित जमाखोरी रोकने के मकसद से प्याज भंडारण की सीमा लगाई गई है।   उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया, ''थोक और खुदरा व्यापारियों की जरूरत को देखते हुए मंडियों में प्याज की खरीद की तारीख से ग्रेडिंग और पैकिंग के लिए तीन दिन का समय देने का फैसला किया गया है। इसके बाद भंडारण की सीमा लागू होगी। 

संबंधित खबरें