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19 अप्रैल, 2021|3:19|IST

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बुढ़ापे के लिए सिर्फ पीएफ नहीं है काफी, जानें क्यों है बेहतर रिटर्न वाले विकल्प की जरूरत

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अगर आप वेतनभोगी हैं तो आपकी सैलरी का एक हिस्सा कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) में अनिवार्य रूप से निवेश हो रहा होगा। हालांकि, अगर आप यह सोच रहे हैं कि सेवानिवृत्ति के बाद आपका ईफीएफ में जमा कोष आपकी जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी होगा तो आप गलती कर रहे हैं। ऐसा इसलिए कि ईपीएफ कोष का अधिकांश पैसा डेट और सरकारी बॉन्ड में निवेश होता है। इसके चलते इसपर मिलने वाला रिटर्न महंगाई को महंगाई को मात देने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।

सिर्फ 15 फीसदी कोष की इक्विटी में निवेश

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने 2015 से इक्विटी में निवेश शुरू किया था। शुरुआत में 5% कोष को इक्विटी में लगाने की मंजूरी दी गई थी जिसे 2017 में बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया। ईपीएफओ मुख्य रूप से एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश करता है, जिसमें सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (सीपीएसई) ईटीएफ और भारत 22 एफएएफ शामिल हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ईपीएफओ का इक्विटी में निवेश बहुत ही कम है। इसके चलते यह महंगाई को मात देने में सक्षम नहीं होगा।

मौजूदा समय में 8.5 फीसदी की दर से ब्याज

कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) कर छूट लाभ के साथ सबसे पसंदीदा रिटायरमेंट निवेश है। फिलहाल, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) वर्तमान में 8.5 फीसदी की ब्याज दर दे रहा है। वहीं, पिछले साल ईपीएफओ ने 8.65 फीसदी की दर से ब्याज दिया था। ईपीएफ में निवेश करना 15,000 रुपये प्रति माह से अधिक कमाने वाले कर्मचारियों के लिए अनिवार्य नहीं है, जबकि 15,000 रुपये से कम आय वालों को इसके लिए अनिवार्य रूप से योगदान करना होगा। ईपीएफ के मामले में, एक कर्मचारी को प्रति माह अपने मूल वेतन का 12 प्रतिशत का न्यूनतम योगदान देना होता है, जिसे वीपीएफ के तहत स्वेच्छा से बढ़ाया जा सकता है। ईपीएफ ईईई कैटेगरी के अंतर्गत आता है, जिसका अर्थ है, अर्जित ब्याज और मैच्योरिटी राशि टैक्स फ्री है।

अपने पोर्टफोलियो में इक्विटी निवेश को शामिल करें

अगर आप महंगाई को मात देकर प्रर्याप्त सेवानिवृत्ति कोष बनाना चाहते हैं तो आपको थोड़ा जोखिम उठाते हुए इक्विटी में निवेश शुरू कर देना चाहिए। जैसे-जैसे आप रिटायरमेंट के नजदीक पहुंचे इक्विटी से निवेश कम कर पीएफ और फिक्स्ड इनकम वाले निवेश माध्यम में पैसा लगाना शुरू करें। इक्विटी किस तरह महंगाई को पछाड़ने में सक्षम है इसको इस उदाहरण से समझ सकते हैं। फैंक्लिन इंडेक्स एनएसई निफ्टी फंड ने बीते 20 साल में सालाना 13 फीसदी की दर से रिटर्न दिया है।

निवेश पर बेहतर रिटर्न की जरूरत क्यों?
महंगाई की वजह से जीवन यापन की लागत बढ़ गई है। इसलिए रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित जीवन जीने के लिए प्रर्याप्त जमा होना जरूरती है। इसकी तैयारी आप नौकरी लगने के साथ शुरू कर दें तो कम निवेश में म्यूचुअल फंड के जरिये बड़ा कोष जमा कर सकते हैं।बड़े रिटायरमेंट फंड के निर्माण के लिए समय और निरंतरता की जरूरत होती है। आपको लगातार लॉन्ग टर्म उपकरणों में निवेश करने की जरुरत है ताकि कंपाउंडिंग की शक्ति आपके लिए काम करेगी और आपको बड़े रिटायरमेंट फंड के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

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