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लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Drigraj Madheshia
Tue, 01 Jun 2021 03:34 PM
न्यूयार्क के मुकाबले मुंबई में करीब दोगुनी है पेट्रोल की कीमत

दुनिया के सबसे महंगे शहरों में से एक न्यूयार्क में पेटोल की कीमत भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई से करीब-करीब आधी है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत आज 100.72 रुपये लीटर के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई है, जबकि न्यूयॉर्क स्टेट एनर्जी रिसर्च एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के आंकड़ों के आधार पर ब्लूमबर्ग की गणना के अनुसार, अमेरिकी वित्तीय केंद्र में यह 0.79 डॉलर यानी 57.59 प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत एक साल में 11 फीसद बढ़ी है। पिछले एक साल में भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बेहताशा बढ़े हैं। इन ईंधनों पर टैक्स अब खुदरा मूल्य का लगभग 60% है और 2013 के बाद से पेट्रोल और डीजल पर टैक्स लगभग छह गुना बढ़ गया है।

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पेट्रोल-डीजल के दाम इस माह 17 बार बढ़े

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा, जिसके चलते डीजल का दाम राजस्थान के कुछ स्थानों पर 98 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर गया। वहीं पेट्रोल 105 रुपये को पर कर गया है। इस महीने की गई 17वीं बढ़ोतरी के साथ ही देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। वैट और माल ढुलाई शुल्क जैसे स्थानीय करों के चलते विभिन्न राज्यों में ईंधन की कीमतें अलग-अलग होती हैं। देश में पेट्रोल पर सबसे अधिक वैट राजस्थान में लगता है, जिसके बाद मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र का स्थान है। 

तेल की खपत घटी, कीमत बढ़ी

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कई प्रदेशों में लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू की वजह से पेट्रोल-डीजल की मांग लगातार कम हुई है। पर इसके बावजूद पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि हुई है। एक जनवरी से 31 मई के बीच पेट्रोल की कीमत करीब साढे दस रुपये और डीजल के दाम 11.28 रुपये बढ़े हैं, जबकि जनवरी के मुकाबले अप्रैल में पेट्रोल की खपत 227 हजार मीट्रिक टन कम हुई है। वहीं, डीजल की मांग में यह कमी 132 हजार मीट्रिक टन घटी है।

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कच्चे तेल के दाम में भी लगी आग

कई तरह की पांबदियों की वजह से मई के पहले 15 दिनों में अप्रैल की इस अवधि के मुकाबले ईंधन की मांग करीब बीस फीसदी कम हुई। अप्रैल में पेट्रोल 2384 हजार एमटी और डीजल 6679 हजार एमटी की खपत हुई थी। जबकि मार्च में पेट्रोल की मांग 2740 और डीजल की खपत 7224 हजार मीट्रिक टन थी। कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी के बाद एक बार फिर आर्थिक गतिविधियां शुरु हुई है। ऐसे में उम्मीद है कि ईंधन की मांग मे इजाफा होगा।  पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) के आंकड़ो के मुताबिक अप्रैल में कच्चे तेल के दाम करीब 63.40 डॉलर प्रति बैरल थे। जबकि मार्च में यह आंकड़ा 64.73 डॉलर था।

इनपुट: एजेंसी

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