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घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम अगर कच्चा तेल 80 डॉलर से नीचे हुआ स्थिर

Petrol Price: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दैनिक आधार पर संशोधन तभी शुरू करेंगी, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 80 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे स्थिर हो जाएंगी।

घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम अगर कच्चा तेल 80 डॉलर से नीचे हुआ स्थिर
Drigraj Madheshiaनई दिल्ली, एजेंसी।Fri, 01 Dec 2023 06:18 AM
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सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दैनिक आधार पर संशोधन तभी शुरू करेंगी, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 80 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे स्थिर हो जाएंगी। उद्योग के अधिकारियों ने यह बात कही।

तीन सरकारी ईंधन खुदरा विक्रेताओं - इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने लगातार 20वें महीने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है। इन तीनों कंपनियों के पास संयुक्त रूप से लगभग 90 फीसद बाजार हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2022-23 की पहली छमाही में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते इस कंपनियों को भारी नुकसान हुआ। हालांकि, इससे पहले कीमतों में नरमी के कारण इन कंपनियों ने मुनाफा भी कमाया।

कच्चे तेल में कीमतों में बेतहाशा उतार-चढ़ाव

एक अधिकारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में काफी अस्थिरता है और कीमतों में बेतहाशा उतार-चढ़ाव हो रहा है। उन्होंने कहा, तेल कंपनियां इस समय कीमतों में एक रुपये प्रति लीटर की कटौती कर सकती हैं और ऐसा करने पर हर कोई तारीफ करेगा। लेकिन, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल कीमतें बढ़ेंगी, तो क्या उन्हें दरें बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी, इस पर संदेह है।

एक दिन मुनाफा तो दूसरे दिन नुकसान

एक अन्य अधिकारी ने कहा, किसी दिन डीजल पर मुनाफा होता है, लेकिन किसी दिन नुकसान। कोई तय रुझान नहीं है। अधिकारी ने कहा कि तेल विपणन कंपनियां कीमतों में दैनिक आधार पर संशोधन तभी शुरू करेंगी, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 80 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे स्थिर हो जाएंगी। पिछले साल छह अप्रैल से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

मांग 11.2 करोड़ बैरल प्रतिदिन होने का अनुमान: एसएंडपी

कच्चे तेल की वैश्विक मांग 2030 में 11.2 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंचने की संभावना है। इस मांग में भारत और अफ्रीका का प्रमुख योगदान होगा। एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स के भारतीय मामलों के प्रमुख पुलकित अग्रवाल ने कहा कि कच्चे तेल की मौजूदा वैश्विक मांग 10.3 करोड़ बैरल प्रतिदिन है जो 2030 में बढ़कर प्रतिदिन 11.2 करोड़ बैरल हो सकती है। '

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एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स: मीडिया राउंडटेबल आउटलुक 2024' के दौरान अग्रवाल ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि 2030 तक मांग में 8.73 फीसद की वृद्धि होगी। इसमें भारत और अफ्रीका का सबसे अधिक योगदान होगा, क्योंकि उस क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

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