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17 अक्तूबर, 2020|8:08|IST

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चीन के साथ देश की व्यापार नीतियों का खुलासा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका

अडानी ग्रुप-चीनी कंपनी के बीच MoU रद करने की मांग, अडानी समूह, केंद्र सरकार, गुजरात सरकार व महाराष्ट्र सरकार को प्रतिवादी

hearing in supreme court over cbse icse board 12th exams

भारत-चीन तनाव के बीच आज सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसमें चीन के साथ देश की व्यापार नीतियों का खुलासा करने के लिए भारत सरकार को निर्देश देने की मांग की गई। वहीं  याचिका में अडानी समूह, महाराष्ट्र और एक चीनी कंपनी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को रद्द करने की भी मांग की गई है। जम्मू-कश्मीर की एडवोकेट सुप्रिया पंडित ने यह याचिका शीर्ष अदालत में दायर की है, जिसमें अडानी समूह, केंद्र सरकार, गुजरात सरकार व महाराष्ट्र सरकार को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि चाइनीज कंपनी के साथ किए गए करार को रद करने का आदेश जारी किया जाए। बता दें दो दिन पहले  भारत-चीन सीमा पर 20 सैनिकों के बलिदान के मद्देनजर केंद्र सरकार ने चीन के 59 मोबाइल एप पर भारत सरकार ने रोक लगा दी है।

 

बता दें तीन साल पहले अडानी समूह ने एक भारतीय बंदरगाह की निर्माण इकाई में 300 मिलियन अमरीकी डालर का निवेश करने के लिए चीन की सबसे बड़ी निजी कंपनियों के साथ एएमयू साइन किया था। उस समय अडानी और ईस्ट होप ग्रुप के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें गुजरात में मुंद्रा विशेष आर्थिक क्षेत्र में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव है, जो सौर ऊर्जा उत्पादन उपकरण, रसायन, एल्यूमीनियम और पशु चारा का उत्पादन करने के लिए है। पीटीआई की खबर के मुताबिक शंघाई में भारतीय वाणिज्य दूतावास के एक बयान में ऐसा कहा गया था। वहीं राज्य में एक विनिर्माण सुविधा के लिए महारष्ट्र और ग्रेट वॉल मोटर्स ने1 बिलियन डॉलर का एमओयू साइन किया था।

 

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  • Web Title:petition filed before Supreme Court seeking its direction to Union of India to disclose the countrys trade policies with China