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बिजनेसलॉकडाउन से घबराए लोग, कर रहे हैं जरूरी सामान की खरीदारी- बढ़ी रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक खाने की मांग

हिन्दुस्तान ब्यूरो,नई दिल्ली।Published By: Sheetal Tanwar
Wed, 21 Apr 2021 01:47 PM
लॉकडाउन से घबराए लोग, कर रहे हैं जरूरी सामान की खरीदारी- बढ़ी रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक खाने की मांग

देश में एक बार फिर कोरोना संकट गहराने के साथ राज्यों द्वारा लॉकडाउन लगाए जा रहे हैं। इसको देखते हुएउपभोक्ताओं ने जरूरी सामानों का संग्रह करना शुरू कर दिया है जिसके चलते बाजार में हर तरफ घबराहट भरी खरीदारी देखने को मिल रही है।

उपभोक्ताओं खाने-पीने की जरूरी सामान की खरीदारी किराना स्टोर पर लाइन लगा कर रहे हैं। इसके साथ ही ई-कॉमर्स और ऑनलाइन ग्रॉसरी एप के जरिये भी ऑर्डर बुक कर रहे हैं। ई-कॉमर्स औैर ग्रॉसरी एप पर ऑर्डर का आलम यह है कि ज्यादातर सामान के लिए लंबी प्रतिक्षा अवधि या आउट ऑफ स्टॉक दिखाए जा रहे हैं। सिर्फ किराना या ई-कॉमर्स पर ही नहीं बल्कि दवा औैर दारू की दुकान पर खरीदारी की भीड़ उमड़ गई है। वहीं, कारोबारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिन के खाने-पीने का सामान, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले उत्पादों की जमकर खरीदारी हो रही है।

किन-किन उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी

नोएडा स्थित ग्रॉसरी शॉप हैप्पी होम के मैनेजर गौरी शंकर ने हिन्दुस्तान को बताया कि बीते पांच दिनों में जिन उत्पादों की मांग बढ़ी है उनमें खाद्य तेल, आटा, मसाला, फल, सब्जियां, स्नैक्स, फ्रोजन फूड्स, ड्राई फूड्स, मिल्क प्रोडक्ट्स, बेबी फूड्स, हाइजीन प्रोडक्ट्स, च्यवनप्राश, जूस और खाने-पीने के जरूरी समान शामिल है। लोग एक बार फिर से इन सामानों की तेजी से खरीदकर स्टॉक कर रहे हैं। इसके चलते रोजना बिक्री करीब दोगुनी हो गई है।

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ग्रॉसरी एप ने डिलीवरी की अवधि बढ़ाई

कई शहरों में लॉकडाउन लगने के साथ ऑनलाइन ग्रॉसरी एप पर ऑर्डर दोगुने से अधिक बढ़ गए हैं। ग्रोफर्स के एक प्रवक्ता के अनुसार, एप पर 80 फीसदी का उछाल पैकेज्ड फूड जैसे रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक, फ्रोजेन फूड्स की मांग में 500 फीसदी, डिब्बाबंद दूध की मांग में और 100 फीसदी की वृद्धि हाइजीन उत्पाद में आई है। ग्रोफर्स के अलावा बिग बास्केट, नेचर बास्केट, ऑनडोर आदि पर भी मांग बड़ी तेजी से बढ़ी है। इसके चलते इन एप ने डिलीवरी की अवधि बढ़ा दी है। वहीं, कई उपभोक्ताओं का कहना है कि अभी से कई जरूरी समान यहां पर ऑउट ऑफ स्टॉक हो गए हैं।

ई-कॉमर्स नहीं ले रहा टीवी-फोन आदि के ऑर्डर

लॉकडाउन लगने के साथ ई-कॉमर्स साइट भी कपड़े, टीवी, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स आदि सामान के ऑर्डर लेना बंद कर दिया है। फ्लिपकार्ट, अमेजन, स्नैपडील, मिंत्रा सहित कई दूसरी ई-कॉमर्स वेबसाइट से मोबाइल से लेकर दूसरे सामान बुक करने पर संदेश आ रहा है कि सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक, मौजूदा समय में हम सिर्फ जरूरी सामान की ही डीलिवरी कर रहे हैं।

पिछले साल से स्थिति अभी बेहतर

कारोबारियों का कहना है कि कोरोना संकट बढ़ने के साथ उपभोक्ताओं द्वारा जरूरी सामानों की खरीदारी तेजी से बढ़ी है लेकिन पिछले साल जैसी स्थिति नहीं है। इस बार ग्राहकों को विश्वास है कि रिटेलर ऑनलाइन ऑर्डर, एप या फोन के जरिये ऑर्डर मिलने पर भी उनके घर के दरवाजे पर आपूर्ति कर सकेंगे।

आर्थिक गतिविधियों पर रोक से हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे कारोबार

कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर विभिन्न राज्यों में स्थानीय स्तर पर लगाए गए प्रतिबंधों के बीच रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) ने मंगलवार को कहा कि आर्थिक गतिविधियों पर रोक से कारोबार हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे और लाखों लोगों का रोजगार चला जाएगा। खुदरा संगठन ने कहा कि पिछले साल लॉकडाउन के दौरान ऐसे ही हालत पैदा हुए थे। इसलिए अब सरकार को चाहिये कि गैर-आवश्यक या गैर-खाद्य खुदरा कारोबार और मॉल को सख्त निगरानी के तहत काम करने की अनुमति दी जानी चाहिए। आरएआई के सीईओ कुमार राजगोपालन ने एक बयान में कहा, गैर-आवश्यक या गैर-खाद्य खुदरा दुकानों और मॉल को बंद करना समाधान नहीं है। पिछले साल कारोबार को हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए इस स्तर पर आर्थिक गतिविधि को बंद करने से व्यवसाय स्थायी रूप से बंद हो जाएंगे, जिससे लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसकी जगह सख्त निगरानी में सुरक्षा और स्वच्छता के सभी नियमों और शारीरिक दूरी के मानदंडों का पालन सुनिश्चित करते हुये कारोबार को खुला रखना चाहिए और उन पर पूर्ण पाबंदी नहीं लगानी चाहिए। राजगोपालन ने कहा कि शॉपिंग केन्द्रों सहित देश भर में संगठित क्षेत्र के खुदरा कारोबारी पूरी सफलता के साथ कामकाज की मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं और इसलिये उन्हें सख्त निगरानी में रखते हुये काम करने की अनुमति मिलनी चाहिए।

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