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बीएसई एसएमई पर लिस्टेड मल्टीबैगर कंपनियों में निवेश कर लोगों ने कमाया शानदार रिटर्न

2012 में शुरू होने के बाद से बीएसई एसएमई एक्सचेंज ने मर्चेंट बैंकरों के नए सेट के साथ राकेश झुनझुनवाला, डॉली खन्ना, विजय केडिया, आशीष कचोलिया जैसे दिग्गज निवेशकों की तरह बड़ी संख्या में माइक्रो...

बीएसई एसएमई पर लिस्टेड मल्टीबैगर कंपनियों में निवेश कर लोगों ने कमाया शानदार रिटर्न
Satya Prakashलाइव मिंट ,नई दिल्ली Mon, 17 Jan 2022 02:49 PM

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2012 में शुरू होने के बाद से बीएसई एसएमई एक्सचेंज ने मर्चेंट बैंकरों के नए सेट के साथ राकेश झुनझुनवाला, डॉली खन्ना, विजय केडिया, आशीष कचोलिया जैसे दिग्गज निवेशकों की तरह बड़ी संख्या में माइक्रो इन्वेस्टर्स बनाए हैं। 13 मार्च 2012 को बीएसई एसएमई एक्सचेंज के शुभारंभ के बाद से अब तक कुल 359 एसएमई को एक्सचेंज में लिस्ट किया गया है। इन एसएमई ने लगभग 3,800 करोड़ रुपए की धनराशि जुटाई। उनका कुल मार्केट कैप आज लगभग ₹52,000 करोड़ है। 

एक रुपए के निवेश पर 3.4 रुपए  का रिटर्न
रिटर्न की बात करें तो एसएमई एक्सचेंज का अनुमानित रिटर्न लगभग 3.4 रहा है, इसका मतलब है कि 10 वर्षों में एक रुपए के निवेश पर एक निवेशक को इन 3.4 रुपए का रिटर्न मिला है। वास्तव में, अधिकांश एसएमई पिछले 5 वर्षों में बीएसई एसएमई एक्सचेंज में लिस्टेड हुए हैं, यदि इस हिसाब से रिटर्न देखा जाए तो वास्तविक रिटर्न बहुत अधिक होगा। बीएसई लिमिटेड ने पूरे भारत में फैले असंगठित क्षेत्र के एसएमई को एक विनियमित और संगठित क्षेत्र में सूचीबद्ध करने के लिए बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म की स्थापना की थी।

359 बीएसई एसएमई ने 3,800 करोड़ रुपए जुटाए
बीएसई एसएमई एक्सचेंज के 10 वर्ष होने के करीब होने के अवसर पर बीएसई एसएमई के हेड अजय ठाकुर ने लाइवमिंट के साथ बातचीत में कहा कि एक दशक में 359 बीएसई एसएमई ने 3,800 करोड़ रुपए जुटाए हैं। अनुमानित औसत रिटर्न लगभग 3.4 है। मर्चेंट बैंकरों के नए समूह अपने नेटवर्क के साथ छोटी टिकट आकार की कंपनियों की सहायता के लिए तैयार हैं, इस कारण अच्छा रिटर्न रहा है। इसके अलावा, पिछले एक दशक में, एक्सचेंज छोटे और माइक्रो दिग्गज निवेशकों को आकर्षित करने में सक्षम रहा है जो छोटी कंपनी में निवेश करने के लिए तैयार हैं और लिस्टिंग के बाद दो से तीन साल तक इंतजार करते हैं। एक्सचेंज एसएमई के लिए इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के माध्यम से फंड जुटाने के लिए एक प्लेटफार्म बन गया है, जिससे बड़ी संख्या में मर्चेंट बैंकरों और छोटे आकार के दिग्गज निवेशकों को मदद मिलती है। 

एसएमई ने कैसे दिग्गज निवेशक बनाए  
एमएसएमईएक्स के सीईओ और सह-संस्थापक अमित कुमार ने कहा कि बीएसई एसएमई एक्सचेंज कि शुरआत के बाद, एमएसएमईएक्स समूह की एक अच्छी संख्या सामने आई है। ये गुणवत्ता वाले एसएमई को लिस्टिंग और आईपीओ से फंड जुटाने के लिए प्रेरित करते हैं। इन एसएमई आईपीओ का टिकट बहुत छोटा होता है, इसलिए ये राकेश झुनझुनवाला, डॉली खन्ना, विजय केडिया, आशीष कचोलिया आदि जैसे निवेशकों को आकर्षित नहीं कर पाते। लेकिन बड़ी संख्या में माइक्रो इन्वेस्टर इन बीएसई एसएमई सूचीबद्ध कंपनियों की ओर आकर्षित हुए हैं। एसएमई शेयरों में उनके ₹1 करोड़ से ₹5 करोड़ के निवेश ने सूचीबद्ध एसएमई को अपने शेयरधारकों को शानदार रिटर्न देने वाली तेज दर से बढ़ने में मदद की है। यह भारत में 2021 में मल्टीबैगर शेयरों की सूची में प्रवेश करने वाले एसएमई शेयरों की संख्या में दिख रहा है। इसलिए कहा जा सकता है कि बीएसई एसएमई एक्सचेंज ने मर्चेंट बैंकरों और राकेश झुनझुनवाला, डॉली खन्ना, विजय केडिया, आशीष कचोलिया जैसे ही माइक्रो इन्वेस्टर का नया सेट बनाया है।

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