Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़Onion price hiked by 40 percent in one day this decision of the government caused a fire

प्याज के भाव में अचानक उछाल, सरकार के इस फैसले से लगी आग

Onion price Hike:लासलगांव की मंडी में प्याज की औसत थोक कीमतें सोमवार को अचानक 40% बढ़ गईं। यहां प्याज की औसत कीमत शनिवार के 1,280 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर सोमवार को 1,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गई

Drigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीTue, 20 Feb 2024 06:51 AM
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नासिक के लासलगांव की मंडी में प्याज की औसत थोक कीमतें सोमवार को अचानक 40% बढ़ गईं। यहां प्याज की औसत कीमत शनिवार के 1,280 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर सोमवार को 1,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं। सोमवार को दिन के दौरान लगभग 10,000 क्विंटल प्याज की नीलामी की गई। न्यूनतम थोक मूल्य 1,000 रुपये और अधिकतम 2,100 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किए गए।  एपीएमसी के एक अधिकारी ने कहा कि प्याज निर्यातकों ने "विदेशी बाजारों में बेचने के लिए प्याज खरीदना भी शुरू कर दिया है"।

खुदरा बाजारों का हाल: खुदरा बाजारों की बात करें तो अभी देश में प्याज का औसत भाव 32.26 रुपये प्रति किलो है। हालांकि, कहीं 15 रुपये तो कहीं 80 रुपये किलो भी बिक रहा है। वैसे अधिकत शहर-कस्बों में 25 से 30 रुपये किलो है। उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को मिजोरम में प्याज की औसत खुदरा कीमत 69.45 रुपये प्रति किलो रही। हरियाणा में 40.25 रुपये, चंडीगढ़ में 37 रुपये, राजस्थान में 36.72 रुपये, गुजरात में 34.67 रुपये और उत्तर प्रदेश में 29.45 रुपये किलो बिका।

प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध से गिरे थे भाव: पिछले साल 7 दिसंबर को, घरेलू बाजारों में मांग को पूरा करने और थोक कीमतों को स्थिर करने के लिए केंद्र ने 31 मार्च, 2024 तक प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद, पिछले ढाई महीनों में औसत थोक प्याज की कीमतें 67% कम हो गईं। पिछले साल 6 दिसंबर को 3,950 रुपये प्रति क्विंटल थीं और 17 फरवरी को 1,280 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गईं।

क्यों बढ़ा भाव:  प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध वापस लेने के केंद्र के फैसले की घोषणा के एक दिन बाद ही प्याज के दाम उछल गए। हालांकि केंद्र सरकार ने अभी तक निर्यात पर बैन वापस लेने की औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की है, लेकिन केंद्रीय मंत्री भारती पवार ने कहा है कि यह निर्णय गृह मंत्री के अमित शाह नेतृत्व में केंद्र सरकार के मंत्रियों के समूह की बैठक में लिया गया था। एपीएमसी के एक अधिकारी ने कहा कि इस घटनाक्रम का देश के सबसे बड़े थोक प्याज बाजार लासलगांव में औसत कीमतों पर प्रभाव पड़ा।

बैन से किसानों को नुकसान: टीओआई की खबर के मुताबिक प्याज उत्पादकों ने दावा किया कि निर्यात पर बैन ने उन्हें भारी नुकसान कराया है और पिछले ढाई महीने के दौरान वे उत्पादन लागत भी नहीं निकाल सके। प्याज उत्पादन की लागत 1,800 रुपये प्रति क्विंटल थी। किसानों ने कहा कि अगर उपज को इससे कम कीमत मिलती है तो उन्हें नुकसान होता है। 

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