Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़Not filing ITR cost the woman dearly court sentenced her to six months in jail

आईटीआर न भरना महिला को पड़ा बहुत भारी, कोर्ट ने सुनाई छह महीने की जेल की सजा

ITR: आईटीआर दाखिल न करने पर एक महिला को छह महीने की जेल की सजा हो गई। आरोपी को दी गई ₹2 करोड़ की रसीद के बदले में 2 लाख रुपये की कटौती की गई, लेकिन इनकम का कोई रिटर्न दाखिल नहीं किया गया। 

Drigraj Madheshia नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता, Tue, 12 March 2024 09:37 AM
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दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने आईटीआर दाखिल न करने पर एक महिला को छह महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह सजा आयकर कार्यालय (ITO) द्वारा दायर एक शिकायत के बाद ₹2 करोड़ की इनकम पर रिटर्न दाखिल न करने पर सुनाई।  2013-14 के दौरान आरोपी को दी गई ₹2 करोड़ की रसीद के बदले में 2 लाख रुपये की कटौती की गई, लेकिन इनकम का कोई रिटर्न दाखिल नहीं किया गया। 

कोर्टत ने सावित्री को यह कहते हुए सजा सुनाई, "दोषी को ₹5,000 के जुर्माने के साथ छह महीने के लिए साधारण कारावास की सजा दी जाती है और डिफॅल्ट रूप से एक महीने के लिए साधारण कारावास की सजा भुगतनी पड़ती है।"

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अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट मयंक मित्तल ने दलीलें सुनने और मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद सावित्री को सजा सुनाई। हालांकि, अदालत ने उसके आवेदन पर विचार करने के बाद आदेश को चुनौती देने के लिए उसे 30 दिन की जमानत दे दी। 

विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) अर्पित बत्रा ने अदालत से कहा कि किसी दोषी को सजा देने के लिए कर चोरी की राशि नहीं, बल्कि प्रावधान का उद्देश्य महत्वपूर्ण है। यह भी प्रस्तुत किया गया कि प्रावधान का उद्देश्य कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी व्यक्तियों को समय पर अपनी आय का रिटर्न दाखिल करने और तदनुसार कर का भुगतान करने के लिए रोकना है। 

दोषी के वकील ने कहा कि दोषी को दी गई सजा में दोषी की सामाजिक परिस्थितियों और अपराध करने के समय और सजा सुनाए जाने के समय दोषी की स्थिति की चिंता होनी चाहिए।

आईटीआर क्या है?
आयकर रिटर्न या आईटीआर एक फॉर्म है, जिसका उपयोग वित्तीय वर्ष के लिए आपकी ग्रॉस टैक्सेबल इनकम दिखाने के लिए किया जाता है। आईटीआर का उपयोग करदाताओं द्वारा औपचारिक रूप से अपनी इनकम, डिडक्शन क्लेम, छूट और भुगतान किए गए टैक्स को डिक्लेयर करने के लिए किया जाता है। यह एक वित्तीय वर्ष में शुद्ध आयकर देनदारी की गणना करता है।

कब आईटीआर फाइल करना होता है जरूरी: 1961 के आयकर अधिनियम के अनुसार, 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को टैक्स रिटर्न दाखिल करना होगा यदि उनकी आय का एक हिस्सा टैक्सेबल है। अगर आपकी इनकम बेसिक एक्जम्प्शन लीमिट से अधिक है तो अपना आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है। 

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