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सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों का होगा विलय? सरकार ने दिया ये जवाब

एजेंसी,नई दिल्लीDeepak Kumar
Tue, 30 Nov 2021 07:25 PM
सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों का होगा विलय? सरकार ने दिया ये जवाब

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केंद्र सरकार ने कहा है कि सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के विलय का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त राज्यमंत्री भागवत के कराड ने कहा कि कंपनियों के विलय का फिलहाल कोई प्रस्ताव सरकार के समक्ष विचाराधीन नहीं है। 

आपको बता दें कि देश में चार साधारण बीमा कंपनियां हैं - न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एनआईसीएल), यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (यूआईआईसीएल) और ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (ओआईसीएल)।

कराड ने एक अन्य लिखित उत्तर में कहा कि विभिन्न वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के मकसद से ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए, बैंकों ने भारतीय बैंकों की ब्लॉकचैन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (आईबीबीआईसी) की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि आरबीआई ने सूचित किया है कि वह अपने नए नियामकीय सैंडबॉक्स वातावरण के माध्यम से ब्लॉकचेन-आधारित एप्लिकेशन के विकास के लिए मार्गदर्शन प्रदान करने में सक्रिय है।

उन्होंने कहा, "एसबीआई और केनरा बैंक विभिन्न वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के मकसद से ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए भारतीय बैंकों की ब्लॉकचैन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (आईबीबीआईसी) नामक कंपनी का हिस्सा हैं। एसबीआई ने सूचित किया है कि आईबीबीआईसी विकास के एक हिस्से के रूप में, उसने व्यापार से संबंधित लेनदेन में ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी को शामिल करने के लिए कदम उठाए हैं।"

उन्होंने कहा कि केनरा बैंक ने सूचित किया है कि उसने एक छोटी प्रौद्योगिकी नवाचार टीम का गठन किया है, जो बैंकिंग परिचालन के लिए सबसे उपयुक्त संभावित उपयोग के मामलों की पहचान करने पर काम कर रही है।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कराड ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत वर्ष 2018-19 के बाद से कुल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) के प्रतिशत में वृद्धि देखी गई है। उन्होंने एक अन्य जवाब में कहा कि 31 मार्च, 2021 के अंत तक 16.92 लाख से अधिक मुद्रा कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

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