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कोविड-19 से जुड़ी खबरों, वैश्विक संकेतकों से तय होगी बाजार की चाल

एजेंसी,नई दिल्लीPublished By: Drigraj
Sun, 29 Mar 2020 02:52 PM
कोविड-19 से जुड़ी खबरों, वैश्विक संकेतकों से तय होगी बाजार की चाल

वैश्विक संकेतको तथा देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से जुड़ी खबरों से इस कम कारोबारी सत्रों वाले सप्ताह में शेयर बाजारों की दिशा तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। इस सप्ताह मंगलवार को राम नवमी के उपलक्ष्य में बाजार बंद रहेंगे। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के विनोद नायर ने कहा, ''अर्थव्यवस्था तथा संक्रमित लोगों, दोनों संदर्भ में जब तक कोरोना वायरस के वास्तविक असर का पता नहीं चल जाता है, सरकार और रिजर्व बैंक के राहत उपायों का सीमित प्रभाव होगा। पिछले सप्ताह बाजार में आयी तेजी को देखते हुए निवेशकों को सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्हें चहुंओर निवेश करने के बजाय अच्छे शेयर खरीदने पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक विकास जैन ने कहा, ''अनिश्चितता से बाजार में घबराहट रह सकती है और आने वाले समय में बाजार की चाल पर वैश्विक संकेतकों तथा कोरोना वायरस के संक्रमण के नये मामलों का असर रहेगा।  इस सप्ताह बृहस्पतिवार को विनिर्माण के पीएमआई आंकड़े भी जारी होने वाले हैं। साथ ही इस सप्ताह वाहन कंपनियों की बिक्री के आंकड़े भी आने शुरू हो जाएंगे। बाजार पर इनका भी असर रहेगा।

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रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ''कुल मिलाकर धारणा शिथिल बनी हुई है। हालिया तेजी का कारण इससे पहले आयी बड़ी गिरावट भर है।  पिछले सप्ताह बीएसई के सेंसेक्स में 100.37 अंक की गिरावट रही और शुक्रवार को यह 29,815.59 अंक पर बंद हुआ।

शीर्ष सात कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 1.23 लाख करोड़ रुपये बढ़ा

बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप)के लिहाज से देश की 10 सबसे अधिक मूल्यवान कंपनियों में से सात की बाजार हैसियत में पिछले सप्ताह संयुक्त रूप से 1,23,039.72 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इसमें सर्वाधिक लाभ में इन्फोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) रही।  बीते सप्ताह जहां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), आरआईएल, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, एचडीएफसी, इन्फोसिस और कोटक महिंद्रा बैंक के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी हुई वहीं भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और आईटीसी नुकसान में रहीं।

इन्फोसिस का बाजार पूंजीकरण 29,215.96 करोड़ रुपये उछला

समीक्षाधीन सप्ताह में इन्फोसिस का बाजार पूंजीकरण 29,215.96 करोड़ रुपये उछलकर 2,78,339.46 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं आरआईएल की बाजार हैसियत 28,716.88 रुपये बढ़कर 6,75,448.95 करोड़ रुपये हो गई। कोटक महिंद्रा बैंक का बाजार पूंजीकरण 25,741.80 करोड़ रुपये बढ़कर 2,67,353.25 करोड़ रुपये तथा हिंदुस्तान यूनिलीवर लि. (एचयूएल) का एमकैप 19,007.13 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 4,63,336.65 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 12,544.69 करोड़ रुपये बढ़कर 4,96,264.84 करोड़ और टीसीएस की बाजार हैसियत 7,729.91 करोड़ रुपये बढ़कर 6,82,408.68 करोड़ रुपये हो गई।  एचडीएफसी का बाजार पूंजीकरण 83.35 करोड़ रुपये बढ़कर 3,03,805.48 पर पहुंच गया।  वहीं दूसरी तरफ आईटीसी का बाजार मूल्यांकन 15,549.67 करोड़ रुपये घटकर 2,00,240.45 करोड़ रुपये पर आ गया।

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इसी प्रकार, भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 7,092.22 करोड़ रुपये घटकर 2,44,899.97 करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई बैंक का एमकैप 3,624.58 करोड़ रुपये घटकर 2,20,128.56 करोड़ रुपये पर आ गया।  शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में टीसीएस अव्वल रही। उसके बाद क्रमश: आरआईएल, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, एचडीएफसी, इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और आईटीसी का स्थान रहा।

विदेशी निवेशकों ने मार्च में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निकाले

विदेशी निवेशकों ने कोरोना वायरस महामारी के कारण वैश्विक मंदी की आशंका में भारतीय पूंजी बाजार से पूंजी निकासी शुरू कर दी है। उन्होंने मार्च महीने में ही एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की। इससे पहले, लगातार छह महीनों तक वे शेयर और बांड में शुद्ध लिवाल बने रहे। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस के प्रभाव को थामने के लिये दुनिया भर में 'लॉकडाउन (बंद) हो रहे हैं। इसको देखते हुए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) सतर्क रुख अपना रहे हैं।

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार एफपीआई ने 2 मार्च से 27 मार्च के बीच अनुसार शेयरों से 59,377 करोड़ रुपये जबकि बांड से 52,811 करोड़ रुपये निकाले। कुल मिलाकर शुद्ध रूप से उन्होंने 1,12,188 करोड़ रुपये निकाले। इससे पहले एफपीआई सितंबर 2019 से ही शुद्ध रूप से लिवाल थे।  नेशनल सिक्योरिटीज डिपोजिटरी लि. पर जब से आंकड़े उपलब्ध हैं, यह सबसे बड़ी निकासी है।

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मॉर्निंग स्टार के वरिष्ठ विश्लेषक हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ''सरकार की पूर्ण रूप से बंदी की घोषणा से कारोबार और आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं। इससे घरेलू अर्थव्यवस्था की रफ्तार और मंद पड़ सकती है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिये 24 मार्च को 21 दिन के देशव्यापी बंद की घोषणा की है।

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