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हिंदी न्यूज़ बिजनेसकाम की खबर: सुकन्या समृद्धि समेत इन बचत पर अब भी टैक्स नहीं

काम की खबर: सुकन्या समृद्धि समेत इन बचत पर अब भी टैक्स नहीं

सरकार ने इस साल बजट में आयकर की धारा 80सी के तहत मिलने वाली 1.50 लाख रुपये और धारा 80डी के तहत स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम पर मिलने वाली टैक्स छूट को खत्म कर दिया है। हालांकि, इसके बावजूद सुकन्या...

काम की खबर: सुकन्या समृद्धि समेत इन बचत पर अब भी टैक्स नहीं
Drigrajएजेंसी,नई दिल्लीWed, 12 Feb 2020 10:30 AM
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सरकार ने इस साल बजट में आयकर की धारा 80सी के तहत मिलने वाली 1.50 लाख रुपये और धारा 80डी के तहत स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम पर मिलने वाली टैक्स छूट को खत्म कर दिया है। हालांकि, इसके बावजूद सुकन्या समृद्धि और डाकघर की कुछ बचत पर अब भी पहले की तरह टैक्स छूट मिलेगी। साथ ही बीमा प्रीमियम की परिपक्वता पर मिलने वाली राशि भी करमुक्त होगी।

डाकघर में संयुक्त खाता फायदेमंद

नए बदलावों के तहत आयकर अधिनियम की धारा 10(15)(आई) के तहत डाकघर में बचत खाते में जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज पर एक तय सीमा तक छूट मिलेगी। टैक्स सलाहकार के.सी. गोदुका का कहना है कि व्यक्तिगत खाता के मामले में टैक्स छूट की सीमा 3,500 रुपये है जबकि संयक्त खाते में सात हजार रुपये तक ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

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गोदुका का कहना है कि नए नियमों के तहत धारा 80टीटीए के तहत कोई व्यक्ति डाकघर में बचत खाते पर मिलने वाली पुरानी टैक्स छूट का दावा नहीं कर सकता है लेकिन एक तय सीमा तक उसपर अभी भी छूट ले सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि पर ऐसे होगा लाभ

नए नियमों के मुताबिक सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने वालों को ब्याज पर पर कोई कर नहीं देना होगा। इसके अलावा, इससे होने वाली कमाई पर भी किसी तरह का टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि, पहले की तरह सुकन्या खाता पर धारा 80सी के तहत निवेश पर 1.50 लाख रुपये तक की छूट अब नहीं मिलेगी। सुकन्या खाता एक से 10 साल की बेटियों के लिए है। 

पीपीएफ- ईपीएफ पर ऐसे होगी बचत

PPF (Symbolic Image)

नए नियमों के तहत ईपीएफ  पर 9.5 फीसदी तक ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा ईपीएफ और एनपीएस में नियोक्ता की ओर से जमा राशि करमुक्त होगी।

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हालांकि, सालाना 7.5 लाख रुपये से कम राशि पर ही यह लाभ मिलेगा। वहीं पीपीएफ में जमा पर टैक्स छूट का दावा नहीं किया जा सकता लेकिन परिपक्तवता राशि अब भी करमुक्त होगी।

जीवन बीमा पर इस तरह होगा आकलन

आयकर की धारा 10(10डी) के तहत जीवन बीमा की परिपक्वता पर मिलने वाली रकम पूरी तरह से कर मुक्त होगी। गोदुका का कहना है कि नए नियमों के तहत हालांकि, अब धारा 80 सी के तहत जीवन बीमा प्रीमियम पर 50 हजार रुपये तक की छूट का फायदा नहीं ले पाएंगे।

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वीआरएस-ग्रैच्युटी पर छूट का फायदा

नए नियमों में वीआरएस और ग्रैच्युटी के लाभ को पहले की तरह करमुक्त रखा गया है। गैर-सरकारी कर्मचारियों को 20 लाख रुपये तक ग्रैच्युटी करमुक्त है। जबकि सरकारी कर्मचारियों के लिए इसकी कोई सीमा नहीं है। इसके अलावा वीआरएस लेने वालों को मिलने वाली एकमुश्त राशि पहले की तरह करमुक्त होगी इसकी सीमा पांच लाख रुपये तक है।

छुट्टी के बदले राशि पर टैक्स नहीं

निजी क्षेत्र के साथ सरकारी क्षेत्र की कई कंपनियां सेवानिवृत्ति के समय बची छुट्टियों के बदले राशि का भुगतान करती हैं। गोदुका का कहना है नए नियमों में भी गैर-सरकारी कर्मचारियों के लिए तीन लाख रुपये तक का छुट्टी के बदले राशि (लीव इनकैशमेंट) करमुक्त है।

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इससे अलावा आप जिस कंपनी में काम करते हैं और वह पांच हजार रुपये तक का कोई उपहार देती है तो नए कर नियमों के तहत उसपर भी किसी तरह का टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि, इससे अधिक राशि का उपहार कर के दायरे में आएगा।
 

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