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27 नवंबर, 2020|2:56|IST

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नया आलू नहीं बिगाड़ पाया पुराने का खेल, यहां 208 रुपये लीटर बिक रहा सरसों का तेल

 a vendor sorts potatoes  at wholesale fruit and vegetable market in prayagraj

बाजार में नए आलू के उतरने के बावजूद अभी तक इसके दाम पर कोई असर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है। महंगाई की पिच पर पुराने आलू ने लंगर डाल दिया है। यह अभी भी कई जगहों पर 50 के पार टिका हुआ है। उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट पर शुक्रवार को उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक फुटकर में सबसे सस्ता आलू मध्यप्रदेश के रीवा में 35 रुपये किलो बिक रहा है, जबकि गंगटोक में सबसे महंगा 65 रुपये है। उम्मीद थी कि नया आलू आने के बाद इसके तेवर कुछ नरम होंगे।

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पिछले साल इसी महीने और पिछले दो महीने रुलाने के बाद प्याज का फार्म खराब हो गया है। कई शहरों में शतक के ऊपर बैटिंग करने के बाद अब यह 40 से 70 के बीच टिक गया है। वहीं टमाटर की लाली अब कम होती नजर आ रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक टमाटर 22 से 80 रुपये किलो आज बिक रहा है। अब तक उपलब्ध आंकड़ों की बात करें तो सबसे सस्ता प्याज रीवा, इंदौर, पंचकुला में 40 रुपये किलो है तो सबसे महंगा गंगटोक में 65 रुपये। वहीं अगर टमाटर की बात करें तो सबसे महंगा टमाटर इंफाल में 80 रुपये किलो बिक रहा है। वहीं सबसे सस्ता कुरनूल में 22 रुपये किलो।

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सरसों और वनस्पति तेल भी तेज

खुदरा महंगाई की मार से जूझ रही जनता को खाद्य तेलों ने भी परेशान कर रखा है। किचन का बजट बिगाड़ने में खाद्य तेलों का भी अहम रोल है, सब्जियां तो पहले से ही यह काम कर रही हैं। गंगटोक में पैक सरसों का तेल 153 रुपये तो कुरनूल में 170 रुपये  प्रति लीटर तक पहुंच गया है। वहीं देश भर की बात करें तो यह 110 रुपये से 208 रुपये लीटर बिक रहा है। सबसे महंगा सरसों तेल 208 रुपये लीटर जम्मू में है। वनस्पति तेलों के भी तेवर तीखे हैं। ये भी 62 से 164 रुपये लीटर बिक रहे हैं।

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  • Web Title:new potato price did not spoil the old game after half century to 70