New govt will take decision on Tax benefit and insurance plan on lesser rate - सस्ता बीमा और टैक्स छूट दे सकती है नई सरकार, जानें किन पर हो सकता है फैसला DA Image

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सस्ता बीमा और टैक्स छूट दे सकती है नई सरकार, जानें किन पर हो सकता है फैसला

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत से दोबारा केन्द्र में लौटी राष्ट्रीय जनतांत्रित गठबंधन (राजग) सरकार आम लोगों और मध्यम वर्ग को टैक्स छूट और सस्ते बीमा सहित कई तरह की रियायतें दे सकती हैं। 

साथ ही पेंशन नियमों में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई सरकार जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेगी जिसमें कई टैक्स सुधारों की भी घोषणा हो सकती है। कर विशेषज्ञों का मानना है कि लोकसभा चुनावों से पहले अंतरिम बजट पेश करने के बाद तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि जब पूर्ण बजट जुलाई में पेश होगा तो उसमें मध्य आय वर्ग और नए मिडिल क्लास का ख्याल रखा जाएगा। ऐसे में उम्मीद है कि जुलाई में पेश होने वाले आम बजट में मध्यमवर्ग को कई तरह की रियायतें दी जाए। वित्त मंत्रालय ने पूर्ण बजट को लेकर उद्योग जगत और अर्थशा्त्रिरयों के साथ बातचीत शुरू कर दी है।

पेंशन के लिए एक नियामक
वर्तमान समय में पेंशन नियामक विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) पेंशन की नियामक संस्था है। इसके लिए एक नियामक बनाने की तैयारी है। साथ ही नेशनल पेंशन सिस्टम (नपीएस) और कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) को एक दूसरे से बदलने (पोर्टबिलिटी) की अनुमति दी जा सकती है। 

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बीमा और होम लोन सब्सिडी पर छूट
वर्तमान में सरकार होम लोन पर 2.67 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। सूत्रों का कहना है कि नई सरकार इसे अगले पांच साल के लिए जारी रखने की घोषणा पूर्ण बजट में कर सकती है। सिक्योर नाऊ के प्रबंध निदेशक अभिषेक बोंदिया ने बातया कि जीएसटी की वजह से घर का बीमा अभी काफी महंगा है। सरकार इसपर रियायत देती है तो 20% सस्ता होगा। 

टैक्स सुधार की कवायद तेज
वर्तमान टैक्स कानून 58 साल पुराना है। सितंबर 2017 में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मौजूदा टैक्स कानून बहुत पुराना हो चुका है और इसमें काफी सुधार की जरूरत है। इसके मद्देनजर डायरेक्ट टैक्स कानून में बदलाव का सुझाव देने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया था। टास्क फोर्स की रिपोर्ट देने की अंतिम समय सीमा 31 जुलाई 2019 है।

टैक्स छूट को तरजीह
इस साल फरवरी में सरकार ने अंतरिम बजट पेश किया था जिसमें पांच लाख रुपये तक की आय पर टैक्स छूट की पेशकश की कई थी। साथ ही 40 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि पूर्ण बजट में भी सरकार इस छूट को जारी रख सकती है। साथ ही कई तरह की रियायते भी दे सकती है जिसका संकेत अंतरिम बजट में वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने दिया था। 

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