NBCC may revise bid for Jaypee Infra likely to keep unsold flats of Rs 1750 crore - जेपी इन्फ्रा की बोली में फ्लैट लेगी NBCC DA Image
8 दिसंबर, 2019|3:31|IST

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जेपी इन्फ्रा की बोली में फ्लैट लेगी NBCC

Jaypee Infratech

सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीसीसी कर्ज बोझ तले दबी और दिवाला प्रक्रिया से गुजर रही जेपी इन्फ्राटेक के अधिग्रहण के लिये लगाई जाने वाली नई बोली में कंपनी के 1,750 करोड़ रुपये के बिना बिके फ्लैटों को रिणदाताओं के सुपुर्द करने के बजाय उन्हें बेचने की जिम्मेदारी खुद ले सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

इससे पहले जून में बिना बिके फ्लैटों के मुद्दे की वजह से ही ऋणदाताओं ने एनबीसीसी की समाधान योजना को खारिज कर दिया था। अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) अनुज जैन ने एनबीसीसी और सुरक्षा रीयल्टी से उनकी संशोधित पेशकश सौंपने को कहा है। दोनों कंपनियां संशोधित बोलियां रविवार को सौंप सकती है।

समाधान प्रक्रिया पर विचार विमर्श के लिये ऋणदाताओं की समिति की बैठक 18 नवंबर को बुलाई गई है। इससे पहले एनबीसीसी ने 1,756 करोड़ रुपये के 2,207 बिना बिके फ्लैट ऋणदाताओं को देने की पेशकश की थी। लेकिन बैंकर इसके लिए तैयार नहीं थे। बाद में एनबीसीसी ने इन फ्लैट के लिये अपनी पेशकश को 1,300 करोड़ रुपये कर दिया लेकिन बैंकर इसके बाद भी तैयार नहीं हुए।

बहरहाल, अब उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) जैन ने एनबीसीसी और सुरक्षा रीयल्टी से संशोधित पेशकश आमंत्रित की है और उसके बाद सीओसी की बैठक बुलाई है। उच्चतम न्यायालय ने छह नवंबर के अपने फैसले में जेपी इन्फ्राटेक की दिवाला प्रक्रिया को 90 दिन में पूरा करने का निर्देश दिया है। उच्चतम न्यायालय ने इसके साथ ही कहा है कि सिर्फ एनबीसीसी और सुरक्षा रीयल्टी से ही संशोधित पेशकश मांगी जाए।

जेपी इंफ्राटेक की दिवाला प्रक्रिया मामले में यह बोली का तीसरा दौर होगा। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा आवेदन को स्वीकार किये जाने पर जेपी इंफ्रा 2017 में दिवाला एवं रिण शोधन अक्षमता प्रक्रिया के तहत आई थी। कंपनी पर आईडीबीआई बैंक के नेतृत्व वाले बैंक समूह का करीब 10,000 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज है।

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