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Jet Airways: नरेश गोयल ने तय किया ट्रैवल एजेंट से एयरलाइन मालिक तक का सफर

दिवालिया होने की कगार पर पहुंची जेट एयरवेज को संकट से उबारने का रास्ता सोमवार को साफ हो गया। कंपनी के चेयरमैन नरेश गोयल के इस्तीफे और पत्नी अनीता गोयल समेत बोर्ड से हटने के निर्णय के बाद बैंकों ने शेयरों के बदले कर्ज के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। 

कंपनी के निदेशक मंडल की सोमवार को बैठक के बाद कहा गया कि 1500 करोड़ रुपये की मदद के बदले कर्जदाता बैंक कंपनी के बोर्ड में दो सदस्य नामित करेंगे। नए निवेशक की तलाश तक एयरलाइन का परिचालन एक अंतरिम प्रबंधन समिति संभालेगी। एयरलाइन में भी 52% हिस्सेदारी वाला गोयल परिवार के पास सिर्फ 25 फीसदी शेयर ही रहेंगे। कंपनी के कामकाज में उनका हस्तक्षेप नहीं रहेगा। समाधान पैकेज के तहत, बैंकों ने एयरलाइन में 50.5 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है।

एसबीआई (SBI) दो माह में खरीदार खोजेगी : एयरलाइन के कर्जदाता समूह के नेतृत्वकर्ता एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि बैंक दो महीने में अपने शेयर बेचकर एयरलाइन को पूरी तरह पेशेवर हाथों में सौंप देंगे। उन्होंने संकेत दिया कि एयरलाइन चलाने के लिए नए और पुराने खिलाड़ियों के लिए रास्ता खुला है। कुमार ने उम्मीद जताई कि 1500 करोड़ की मदद दो महीने के लिए पर्याप्त होगी और इस दौरान नए निवेशक को खोजकर अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकल आएंगे। सूत्रों का कहना है कि टाटा भी जेट एयरवेज में मालिकाना हक खरीद सकती है, लेकिन इसमें लंबा वक्त लग सकता है।
 

टैवल एजेंट से एयरलाइन मालिक तक का सफर 
- बीकॉम पास नरेश गोयल ने 1967 में एक ट्रैवल एजेंसी में 300 रुपये मासिक वेतन पर पहली नौकरी शुरू की
- इराक, जॉर्डियन एयरलाइन के रीजनल मैनेजर की नौकरी की। रिजर्वेशन, सेल्स मैनेजर का काम किया। 
- 1991 में ओपन स्काई पॉलिसी के बाद एयरलाइन का आवेदन दिया। 5 मई 1993 को जेट का आगाज हुआ। 
- पहले साल 7 लाख 30 हजार यात्रियों को सफर, 2005 में विदेशी उड़ानों की शुरुआत की।
- एयरलाइन का सालाना टर्नओवर 2009 में 14 अरब डॉलर तक पहुंच गया। 
- गोयल देश के 20 सबसे अमीरों में शामिल हो गए।
- 27 साल पहले नरेश व अनीता गोयल ने जेटएयरवेज बनाई
- 25 फीसदी की जगह 12% होगी एतिहाद की हिस्सेदारी
- 22 हजार कर्मचारी हैं जेट एयरवेज के अभी
- 52 फीसदी हिस्सा था गोयल परिवार का, अब 25%

Jet Airways ने अप्रैल अंत तक 13 विदेशी मार्गों पर उड़ानें स्थगित कीं

सस्ती उड़ान सेवाओं ने दिया जेट एयरलाइन को झटका
- किफायती विमान सेवा वाली गोएयर, स्पाइसजेट से सस्ती दरों पर टिकट की होड़ से यह झटका लगा। एयर सहारा के अधिग्रहण से भी कंपनी उबर नहीं पाई। 
- मार्च 2013 में जेट 495 करोड़ के लाभ में थी। जेट को 2014 की आखिरी तिमाही में 2153 करोड़ का घाटा हुआ। यह लगातार पांचवीं तिमाही का घाटा था।
- साल 2016 और 2017 में कंपनी फिर मुनाफे में लौटी।तेल के दाम आसमान छूने के बाद 2018 में 76 करोड़ का घाटा। 
- जेट एयरवेज ने 2050 करोड़ रुपये में अप्रैल 2007 में एयर सहारा को खरीद लिया था, लेकिन यह सौदा कंपनी के लिए बुरे सपने जैसा साबित हुआ।
- जनवरी 2019 में बकाया न चुकाने पर लीजदाता कंपनियों ने विमान खड़े कराने शुरू किए। मार्च के पहले हफ्ते तक 119 में से 80 विमान खड़े हो गए। 
- 14 अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानें स्थगित कीं 21 मार्च तक। 600 में सिर्फ 124 उड़ान ही रोजाना भर रहे विमान।

घरेलू विमानन कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा कम करने के लिए बने नीति
स्पाइसजेट के एमडी अजय सिंह ने कहा कि नरेश और अनीता गोयल ने विश्वस्तरीय विमानन कंपनी शुरू कर देश को गौरवान्वित किया था। यह घरेलू विमानन कंपनियों की प्रतिस्पर्धा क्षमता कम करने के लिये जिम्मेदार चुनौतियों को दूर करने के लिए देश के नीति नियंताओं के सजग होने का समय है। 
जेट एयरवेज के पूर्व चेयरमैन नरेश गोयल ने कहा कि एयरलाइन और उसके 22,000 कर्मचारियों के परिवारों के हितों के संरक्षण से बड़ा नहीं है। मेरा परिवार इस फैसले में मेरे साथ है। मुझे उम्मीद है कि आप (स्टॉफ) मेरे फैसले का समर्थन करेंगे। आप सभी मुझे याद आएंगे। 

Jet Airways को बैंक देंगे 1500 करोड़ रुपये, नरेश गोयल ने दिया इस्तीफा

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  • Web Title:Naresh Goyal Journey from a travel agent to airline owner