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किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, सौ करोड़ की सरसों व 125 करोड़ का गेहूं बर्बाद

लाइव हिन्दुस्तान टीम,आगराDrigraj
Mon, 02 Mar 2020 12:08 PM
किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, सौ करोड़ की सरसों व 125 करोड़ का गेहूं बर्बाद

बारिश और ओलावृष्टि ने आगरा जिले में कोहराम मचा दिया है। सौ करोड़ की सरसों और 125 करोड़ का गेहूं बर्बाद होने की आशंका है। इन दोनों फसलों में ही 225 करोड़ रुपये का नुकसान है। आलू समेत अन्य उपज को भी इसमें शामिल किया जाए तो नुकसान तीन सौ करोड़ से ज्यादा बैठने का अनुमान है। प्रगतिशील किसानों और प्रशासनिक आंकलन के मुताबिक ओलावृष्टि ने जनपद में फसलों को नुकसान पहुंचाया है। इसमें सरसों की फसल को 70 और गेहूं में 50 फीसदी तक नुकसान है। आलू की खुदाई पर असर पड़ा है। हाईब्रिड आलू के सड़ने की आशंका है। प्रकृति की मार से किसान सदमे में हैं। खेतों में गेहूं की फसल बिछ गई है।

ऐसे किया आकलन

जनपद में 132 हजार हेक्टेयर हिस्से में गेहूं की बुवाई की गई थी। यदि दस फीसदी तैयार फसल को बर्बाद मानते हैं तो प्रति हेक्टेयर प्राप्ति के अनुसार लगभग 6.3 लाख कुंतल गेहूं बर्बाद हो चुका है। एक अनुमान के मुताबकि इस गेहूं का बाजार मूल्य लगभग 125 करोड़ रुपये आएगा। इसी प्रकार सरसों में दस फीसदी नुकसान की स्थिति में सवा दो लाख कुंतल सरसों की बर्बादी हुई है। इसका बाजार मूल्य लगभग 100 करोड़ रुपये आ जाएगा। ओलावृष्टि से नुकसान में यदि सब्जी, किन्नू और आलू को भी शामिल किया जाएगा तो आंकड़ा तीन सौ करोड़ रुपये से कम नहीं बैठेगा।

खेरागढ़ में नुकसान अधिक

जिला कृषि अधिकारी डॉ. राम प्रवेश ने कृषि विभाग की टीम के साथ निरीक्षण किया।किसानों का नुकसान देखकर वो भी दंग रह गए। उन्होंने बताया कि खेरागढ़, एत्मादपुर क्षेत्र में अधिक नुकसान है। गेहूं खेतों में बुरी तरहगिर गया है, जिसमें करीब 40 से 50 फीसदी तक नुकसान है। उन्होंने बताया कि सरसों की फलियां गीली हो गई हैं। कई स्थानों पर फलियां झड़ गई हैं। धूप से सरसों की फलियां चटकने लगती हैं। इससे किसानों का नुकसान बढ़ेगा। सरसों में 70 फीसदी तक हो सकता है।

किसानों का दर्द जानने पहुंचे नेता

फतेहपुरसीकरी लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजकुमार चाहर ने बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों से मुलाकात की। बर्बाद फसलों की जानकारी ली। आला अधिकारियों को किसानों के नुकसान का जल्द से जल्द आंकलन कर रिपोर्ट देने को कहा। एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र में विधायक रामप्रताप चौहान ने भी प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों का हाल जाना।पूर्व विधायक डा. धर्मपाल ने गांव खांडा, आंवलखेड़ा, गढ़ी रामबख्स आदि गांवों का दौरा किया। धर्मपाल सिंह ने जिलाधिकारी से फोन कर फसलों को हुए नुकसान की जानकारी दी। अन्य नेता भी गांवों में पहुंचे।

72 घंटे में बीमा दावा पेश करें किसान

जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामप्रवेश ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान हुआ है। ऐसे में किसान फसल बीमा योजना का लाभ उठा सकते हैं। किसानों को फसल बीमा योजना का 72 घंटे में आवेदन करना होगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण स्तर पर दावे के फार्म ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत के कृषि विभाग के कर्मचारी प्रावधिक सहायक को उपलब्ध करा दिए गए हैं। फार्म भरने के बाद 72 घंटे में किसान पंचकुइयां स्थित उपकृषि निदेशक कार्यालय पर जमा करवा दें। अन्यथा प्रावधिक सहायक को दे दें। ताकि, किसानों को बीमा से लाभान्वित किया जा सके।

प्रशासनिक अधिकारी करेंगे आकलन

जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने किसानों की फसल में नुकसान को देखते हुए उसके आंकलन के लिए तहसील स्तर पर प्रशासनिक टीमों का गठन किया है। तहसील सदर में एसडीएम और जिला उद्यान अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं बाह में उपजिलाधिकारी सहित भूमि संरक्षण अधिकारी टूंडला, एत्मादपुर में उपजिलाधिकारी और भूमि संरक्षण अधिकारी आगरा प्रथम, खेरागढ़ में उपजिलाधिकारी सहित जिला कृषि अधिकारी, किरावली में उपजिलाधिकारी सहित सहायक निबंधक कॉपरेटिव आगरा और फतेहाबाद में उपजिलाधिकारी को भार सौंपा है।

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