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19 सितम्बर, 2020|11:37|IST

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रिलायंस को दिसंबर तक पूरी तरह से कर्जमुक्त करना चाहते हैं मुकेश अंबानी, जानिए क्या है रणनीति

hindustan times leadership summit

अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को पूरी तरह ऋणमुक्त करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज पर 1.61 लाख करोड़ रुपए का शुद्ध कर्ज है। अंबानी कंपनी के साथ और रणनीतिक निवेशकों को जोड़कर कंपनी को पूरी तरह कर्ज से मुक्त करना चाहते हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अंबानी ने पिछले साल अगस्त में मार्च, 2021 तक कंपनी को पूरी तरह कर्जमुक्त करने का लक्ष्य रखा था। उन्होंने हाल में फेसबुक के साथ 5.7 अरब डॉलर यानी 43,547 करोड़ रुपये का करार किया है। फेसबुक रिलायंस जियो में 9.9 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।

इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 53,125 करोड़ रुपए का राइट्स इश्यू लाने की घोषणा की है। साथ ही कंपनी सऊदी अरामको को अपने तेल एवं प्रैटूोरसायन कारोबार में हिस्सेदारी की बिक्री करने जा रही है। ऐसे में रिलायंस इंडस्ट्रीज इस साल दिसंबर तक लक्ष्य को हासिल कर सकती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के नतीजों की घोषणा के बाद निवेशक और मीडिया कॉल में कंपनी के संयुक्त मुख्य वित्त अधिकारी श्रीकान्त वेंकटचारी ने कहा, ''शून्य ऋण का लक्ष्य कैलेंडर वर्ष 2020 में हासिल हो जाएगा।"

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अगस्त की घोषणा के बाद अंबानी डिजिटल प्लेटफॉर्म जियो में 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी फेसबुक को बेच चुके हैं। उन्होंने रिलायंस के तेल और पेट्रोरसायन कारोबार को अलग इकाइयों में बांटने की घोषणा की है, जिससे सऊदी अरामको को हिस्सेदारी की प्रस्तावित बिक्री की जा सके। इसके साथ ही अंबानी ने कहा है कि राइट्स इश्यू में किसी कमी की भरपाई की जाएगी। वेंकटचारी ने कहा कि कंपनी को 1.04 लाख करोड़ रुपये का कोष जुटाने का कार्यक्रम जून तक पूरा होने की उम्मीद है। कंपनी ने 53,125 करोड़ रुपये के राइट्स इश्यू लाने की घोषणा की है। इसका मूल्य 1,257 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। इसके लिए इश्यू का अनुपात 1:15 का होगा। 

पिछले सप्ताह फेसबुक ने रिलायंस की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफार्म में 5.7 अरब डॉलर (43,574 करोड़ रुपये) का निवेश करने की घोषणा की है। इसके अलावा इस 1.04 लाख करोड़ रुपए की राशि में कंपनी को ब्रिटेन की बीपी पीएलसी को अपने ईंधन खुदरा कारोबार में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने से मिली 7,000 करोड़ रुपये की राशि भी शामिल है। वेंकटचारी ने कहा कि सऊदी अरामको के साथ जांच-पड़ताल का काम तेजी से चल रहा है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह सौदा कब तक पूरा होने की उम्मीद है।

रिलायंस ने अपने तेल-से-रसायन कारोबार का मूल्य 75 अरब डॉलर आंका है। इसमें गुजरात के जामनगर में दो रिफाइनरियां, रसायन परिसंपत्तियां, वाहन ईंधन और विमान ईंधन खुदरा कारोबार में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है। सऊदी अरामको इस उपक्रम में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत कर रही है। मार्च 2020 अंत तक कंपनी पर बकाया कर्ज 3,36,294 करोड़ रुपए और हाथ में नकदी 1,75,259 करोड़ रुपए थी। नकदी को समायोजित करने के बाद शुद्ध कर्ज 1,61,035 करोड़ रुपए बैठता है। इसमें से 2,62,000 का कर्ज रिलायंस इंडस्ट्रीज पर और 23,000 करोड़ रुपए का कर्ज जियो के खाते में है।

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  • Web Title:Mukesh Ambani aims to turn Reliance into zero net debt firm by December ahead of target