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27 मार्च, 2020|12:18|IST

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भारत की 2020 की आर्थिक वृद्धि के अनुमान को मूडीज ने घटा कर 2.5 प्रतिशत किया

Indian economy had expanded at 8.2% pace in the June quarter. Photo: Mint

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने कैलेंडर वर्ष 2020 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अपने पहले के अनुमान को घटा कर 2.5 प्रतिशत कर दिया है। पहले उसने इसके 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। कारोना वायरस और उसके चलते देश दुनिया में आवागमन पर रोक के मद्देनजर आर्थिक लागत बढ़ी और इसी वहज से देश की वृद्धि दर घटने का अनुमान है। वर्ष 2019 में वृद्धि 5 प्रतिशत रहने का आकलन है।

मूडीज ने कहा है कि अनुमानित वृद्धि दर के हिसाब से भारत में 2020 में आय में तेज गिरावट हो सकती है। इससे 2021 में घरेलू मांग और आर्थिक स्थिति में सुधार की दर पहले से अधिक प्रभावित हो सकती है। एजेंसी ने कहा है, 'भारत में बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के पास नकद धन की भारी कमी के चलते भारत में कर्ज हासिल करने को लेकर पहले से ही बड़ी बाधा चल रही है।'

बार्कलेज ने भी कही यही बात
लॉकडाउन की वजह से भारत के विकास दर में गिरावट को लेकर बार्कलेज की रिपोर्ट में भी यही आकलन है। इसमें कहा गया है कि तीन सप्ताह के लॉकडाउन की वजह से कैलेंडर ईयर 2020 में भारत की जीडीपी विकास दर 2.5% तक गिर सकती है। पहले इसने भारत के लिए 2020 में 4.5 पर्सेंट ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया था। कई अन्य रेटिंग एजेंसियों और वित्तीय संस्थाओं जैसे आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए निराशाजनक अनुमान लगाए हैं। उधर, मूडीज ने भी जी20 देशों में मंदी का अनुमान जताया है।

ब्रिटने की वित्तीय कंपनी बार्कलेज ने रिपोर्ट में अंदेशा जाहिर किया है कि यह लॉकडाउन एक सप्ताह के लिए और बढ़ाया जा सकता है और यह कुल चार सप्ताह का होगा। इसके बाद 8 सप्ताह आंशिक लॉकडाउन के होंगे। इससे अर्थव्यवस्था को 120 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। तीन सप्ताह के लॉकडाउन से ही 90 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। यह नुकसान जीडीपी का 4 पर्सेंट है।

1992 के बाद सबसे कम रफ्तार
इस तरह जीडीपी विकास दर में 2 पर्सेंटेज पॉइंट की कमी हो सकती है। इसलिए बार्कले ने भारत के लिए विकास दर अनुमान को 4.5 पर्सेंट से घटाकर 2.5% कर दिया है। यदि ऐसा होता है तो यह 1992 के आर्थिक सुधारों के बाद देश का सबसे कम ग्रोथ रेट होगा। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था 1991 में 1.06% की गति से बढ़ी थी। इसके बाद देश में आर्थिक सुधारों को अंजाम दिया गया। 2020-21 के लिए वर्ल्ड बैंक ने विकास दर 3.5 पर्सेंट रहने का अनुमान लगाया है। 
 

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  • Web Title:Moodys slashes India GDP growth in 2020 to 2 5 percent