ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News BusinessModi Govt likely to suggest closure of MMTC on lack of investor interest know detail Business News India

सरकारी कंपनी को बेचने की मुहिम को झटका, नहीं मिल रहा खरीदार!

आपको बता दें कि MMTC लिमिटेड के शेयर की कीमत 87.08 रुपये पर थी। एक दिन पहले के मुकाबले शेयर 4.49% चढ़कर बंद हुआ। ट्रेडिंग के दौरान शेयर की कीमत 89.04 रुपये पर पहुंच गई थी।

सरकारी कंपनी को बेचने की मुहिम को झटका, नहीं मिल रहा खरीदार!
Deepak Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 17 Oct 2023 05:55 PM
ऐप पर पढ़ें

सरकार की मेटल्स एंड मिनरल्स ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (MMTC) लिमिटेड में हिस्सेदारी बेचने की कोशिशों को झटका लग सकता है। दरअसल, MMTC लिमिटेड की बिक्री पेशकश (ओएफएस) में निवेशकों की रुचि की कमी देखने को मिली है। ऐसे में सरकार इसे बंद करने की कवायद में जुट गई है। इस बीच, MMTC लिमिटेड के शेयर की कीमत 87.08 रुपये पर थी। एक दिन पहले के मुकाबले शेयर 4.49% चढ़कर बंद हुआ। ट्रेडिंग के दौरान शेयर की कीमत 89.04 रुपये पर पहुंच गई थी।

कैबिनेट ने लिया था फैसला: एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया-कैबिनेट ने पहले MMTC के मामले में ओएफएस के माध्यम से हिस्सेदारी बिक्री को मंजूरी दी थी। हालांकि लेन-देन सलाहकार ओएफएस के साथ आगे बढ़ने में विफल रहे हैं। इसलिए अब इसके बंद करने की चर्चाएं हो रही हैं क्योंकि इसमें निवेशकों की दिलचस्पी नहीं है। इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। 

इससे पहले, 9 अगस्त को लोकसभा में एक लिखित जवाब में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा था कि सरकार ने MMTC के रणनीतिक विनिवेश पर कोई फैसला नहीं लिया है। सरकार के पास फिलहाल MMTC में 99.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 

बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का एक पैनल पीएसयू की रणनीतिक बिक्री और समापन से संबंधित मामलों पर निर्णय लेते हैं। 

कंपनी के बारे में: सरकार द्वारा संचालित ट्रेडिंग फर्म MMTC ने 2021-22 में 241.93 करोड़ रुपये के घाटे के मुकाबले 2022-23 में 1,076.07 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था। 1963 में माइनिंग और मेटल ट्रेडिंग के रूप में स्थापित MMTC 7 बिलियन डॉलर से अधिक के कारोबार के साथ भारत के लिए दो सबसे अधिक विदेशी मुद्रा अर्जित करने वालों में से एक है। यह भारत से खनिजों का सबसे बड़ा निर्यातक है। कंपनी का एक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क है जो एशिया, यूरोप, अफ्रीका, ओशिनिया और उत्तरी अमेरिका के लगभग सभी देशों में फैला हुआ है। मिनीरत्न कंपनी की सिंगापुर में पूर्ण स्वामित्व वाली अंतरराष्ट्रीय सहायक कंपनी एमटीपीएल भी है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें