DA Image
2 दिसंबर, 2020|10:24|IST

अगली स्टोरी

रोजगार बढ़ाने की असली तस्वीर पेश करेगी सरकार, कोरोना से संकट में आया जॉब मार्केट

instem jobs 2020

कोरोना संकट के बाद बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती बन गई है। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार रोजगार सृजन की असली तस्वीर पेश करने की तैयारी कर रही है। सरकार की योजना इसके जरिये रोजगार देने वालों की वास्तविक जानकारी जुटाकर श्रम पूंजी की वास्तविक तस्वीर पेश करना है।

सकरार का मनना है कि देश की इतनी बड़ी जनसंख्या को रोजगार मुहैया कराने में सिर्फ केंद्र व राज्य सरकारें और उद्योग जगत सक्षम नहीं है। देश में बड़ी संख्या में रोजगार मुहैया कराने में वकील, सीए, डॉक्टर, आर्किटेक्ट जैसे प्रोफेशनल का योगदान है। इसलिए इन लोगों की विस्तृत डाटा सरकार जुटाना चाहती है जिससे देश के सामने रोजगार की वास्तवित तस्वीर पेश की जा सके। सरकार ने इसके लिए श्रम और रोजगार मंत्रालय के डेटा और सांख्यिकी विंग लेबर ब्यूरो से सर्वे कराने का फैसला किया है। सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि इस सर्वे से हमें जॉब मार्केट की वास्तवित स्थिति जानने में मदद मिलेगी। इससे रोजगार पैदा करने के लिए आगे की योजना बनाने में मदद मिलेगी। ऐसा कर देश में रोजगार के अवसर तेजी से पैदा कर बेरोजगारी दूर करने की तैयारी है।

समिति का गठन किया गया

श्रम मंत्रालय ने अर्थशास्त्री और कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एस. पी. मुखर्जी के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया है। यह समिति रोजगार बाजार का डाटा जुटाने की रूपरेखा तय करेगा। समिति श्रम ब्यूरो द्वारा सर्वेक्षण के संचालन के लिए कार्यक्रम, नमूना डिजाइन, सामग्री सारणीकरण योजना और अन्य तकनीकी विवरणों की जांच को अंतिम रूप देगी। आदेश के अनुसार, समिति संसाधन, समय, कार्यप्रणाली और डेटा को अंतिम रूप देने के साथ-साथ परिणामों की जांच करेगी। इसके बाद रिपोर्ट को अंतिम रूप देगी।

कोरोना से संकट में जॉब मार्केट

सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि कोरोना और लॉकडाउन के बाद से बेरोजगारी तेजी से बढ़ी है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है लेकिन जॉब बाजार में चिंता बनी हुई है। नई नौकरियों के अवसर तेजी से नहीं बढ़ रहे हैं। इसको देखते हुए सरकार जॉब बाजार का ब्यापक डाटा तैयार करना चाहती है जिससे वास्तवित स्थिति जानकर उसके अनुसार नीति बनाई जाए जिससे रोजगार के बड़े अवसर पैदा हो।

प्रोफेशनल देते हैं बड़ी संख्या में रोजगार

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वकील, सीए, डॉक्टर, आर्किटेक्ट जैसे प्रोफेशनल लाखों लोगों को रोजगार देते हैं। इनसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर जॉब मार्केट को बड़ा सहारा मिलता है। कोरोना संकट के बीच में भी ये वर्ग रोजगार मुहैया करने के बड़े माध्यम बने रहे हैं। ऐसे में सरकार की यह कोशिश सही दिशा में है। इनका सही डाटा जुटाकर युवाओं को सही जगह पर रोजगार मुहैया कराने में मदद मिलेगी।

10 राज्यों में बेरोजगारी दर दोहरे अंक में सीएमआईई के अनुसार
22.3% उत्तराखंड और हरियाणा में 19.7% रही सिंतबर में बेरोजगारी
6.67% रही इस दौरान राष्ट्रीय स्तर पर बेरोजगारी दर

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा- भारत आर्थिक पुनरूत्थान के दरवाजे पर खड़ा है

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Modi Government will present real picture of increasing employment