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31 मार्च, 2020|5:09|IST

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अब केंद्र सरकार को रुला रही विदेशों से आयात की गई प्याज 

देश में प्याज की आसमान छूती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने विदेशों से 36 हजार टन प्याज आयात की थी। अक्तूबर और नवंबर में खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 120 से 150 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई थी।

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केंद्र की तमाम कोशिशों के बावजूद प्रदेश सरकार कम कीमत पर भी आयातित प्याज खरीदने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में सरकार अब आयातित प्याज को खुले बाजार में बेचने की तैयारी कर रही है क्योंकि, प्याज को जल्द नहीं बेचा गया तो वह खराब हो जाएगी। देश में प्याज की आसमान छूती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने विदेशों से 36 हजार टन प्याज आयात की थी।

150 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया था प्याज

अक्तूबर और नवंबर में खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 120 से 150 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई थी। उपभोक्ता मंत्रालय के मुताबिक, विदेशों से आयात की गई 36 हजार 124 टन प्याज में तीन हजार सात सौ टन प्याज विभिन्न राज्यों ने खरीदी है। सरकार के पास 33 हजार टन आयतित प्याज का स्टॉक है जिसके खरीदार नहीं मिल रहे हैं।

सब्जियों की कीमत बढ़ने की पूर्व चेतावनी देगा पोर्टल

आलू, प्याज और टमाटर की कीमतों के आसमान छूने से पहले ही हस्तक्षेप के लिए सरकार को आगाह करने के उद्देश्य से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय एक पोर्टल लॉन्च करेगा। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल बुधवार को इस पोर्टल को लॉन्च करेंगी। इसकी शुरुआत मंत्रालय के ‘ऑपरेशन ग्रीन्स’ के तहत की जा रही है जिसका उद्देश्य आलू, प्याज और टमाटर के वैल्यू चेन को विकसित करना है।

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मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि जैसे ही आलू, प्याज या टमाटर के दाम तेजी से बढ़ने शुरू होंगे यह पोर्टल सरकार को हस्तक्षेप के लिए आगाह कर देगा। माकेर्ट इंटेलीजेंस के जरिये जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर यह पोर्टल काम करेगा जिसमें बाजार में संबंधित उत्पाद की आवक के बारे में भी जानकारी होगी। 

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  • Web Title:modi government in trouble with onions imported from abroad