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दिवालिया कानून में बदलाव की तैयारी में मोदी सरकार

सौरभ शुक्ल,नई दिल्लीPublished By: Drigraj Madheshia
Fri, 18 Jun 2021 08:56 AM
दिवालिया कानून में बदलाव की तैयारी में मोदी सरकार

केंद्र सरकार दिवालिया कानून के तरह कंपनी के प्रोमोटर्स पर सख्ती की तैयारी कर रही है। हिंदुस्तान को मिली जानकारी के मुताबिक बैंकों की तरफ से इस बारे में वित्त मंत्रालय को प्रेजेंटेशन दिया गया है, जिसमें पता चला है प्रोमोटर्स के रवैये से वसूली प्रक्रिया धीमी होती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड यानि आईबीसी की समीक्षा शुरू कर दी है और जल्द ही इसमें बड़ा बदलाव किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक जोड़े जाने वाले नए नियमों में ऐसे प्रावधान किए जाएंगे कि प्रोमोटर्स या सीधे उनसे जुड़े लोग नियमों का गलत फायदा उठाकर वसूली की प्रक्रिया में रोड़ा न अटका सकें।

इसके लिए सरकार प्रोमोटर्स या उनसे जुड़े कर्जदारों के अधिकारों में कटौती करने के मूड में है ताकि दिवालिया हो रही कंपनी की समाधान प्रक्रिया में उनका दखल सीमित रहे और तय समय के भीतर ऐसे मामलों का निपटारा किया जा सके। बैंकों ने सरकार के साथ साथ रिजर्व बैंक के सामने भी ये मु्द्दा रखा था।

सरकार ने कोरोना महामारी की वजह से दीवालिया कानून के तहत नए मामले लाए जाने पर रोक लगा दी थी। ये रोक 24 मार्च 2021 तक जारी थी। सरकार की मंशा थी कि कर्जदार किसी भी कंपनी को महामारी की वजह से पैदा हुई आर्थिक गतिविधियों के दौरान कर्ज न चुका पाने के लिए आईबीसी के तहत न खींच पाए। अब ये रोक हटने के बाद ऐसे मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक नए वित्तवर्ष में अब तक ऐसे 200 से ज्यादा मामले इंसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी बोर्ड के पास आ गए हैं। इन एप्लीकेशंस को निपटाने पर काम किया जा रहा है।

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