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2 अप्रैल, 2020|8:51|IST

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रियल एस्टेट कंपनियों का दिवालिया होने का खतरा, कर्ज बढ़ने से डेवलपर परेशान

meeting on GST Council inconclusive on Real Estate (HT Photo)

कंपनी मामलों के मंत्रालय ने रियल एस्टेट कंपनियों पर दिवालिया होने की आशंका जताते हुए वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक को चिट्ठी लिखी है। सूत्रों के मुताबिक इस चिट्ठी में मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि तमाम वित्तीय संस्थाओं का रियल एस्टेट सेक्टर में अच्छा खासा ऋण है। ऐसे में इन कंपनियों द्वारा एक दिन की भी ऋण भुगतान चूक की सूचना तुरंत दी जाए। 

सूत्रों के मुताबिक कंपनी मामलों के मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से एक पुख्ता रणनीति तैयार करने को कहा है ताकि इस सेक्टर को न सिर्फ कर्ज के बोझ से उबारा जा सके बल्कि उनके दिवालिया होने का खतरा टाल जाए। वहीं रिजर्व बैंक से कहा गया है कि वो बैंकों पर नजर बनाए रखे और डिफॉल्ट की सूचना तुरंत मंत्रालय पहुंचाएं। .

इस सेक्टर में नॉन बैंकिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम का निवेश है। हाल ही में हाउसिंग फाइनेंस कंपनी की तरफ से देखी गई गड़बड़ियों के बाद सरकार पहले से ही हरकत में आई है। भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा न हो इसके लिए पहले से ही पुख्ता इंतजाम तैयार किए जा रहे है। कंपनी मामलों के मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि उन कंपनियों पर खास तौर से कड़ी नजर रखने की जरूरत है जिन पर मोटा कर्ज है। गौरतलब है कि कई रियल एस्टेट कंपनियों की सुनवाई कर्ज नहीं चुकाने को लेकर एनसीएलटी में चल रही हैं। 

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जानकारों के मुताबिक रियल एस्टेट कंपनियों ने दिल्ली एनसीआर समेत कई मेट्रो शहरों में बड़े पैमाने पर कर्ज लेकर निवेश किया है। खरीदारों की तंगी के चलते अब उनपर दबाव बढ़ता जा रहा है ऐसे में एक व्यवस्था बनाई जाए कि उन्हें दबाव से भी निकाला जा सके साथ ही उनसे देश की आर्थिक हालत पर भी दबाव न पड़े। पिछले दिनों रियल एस्टेट पर दबाव वाले क्षेत्रों की जानकारी पर कंपनी मामलों के मंत्रालय ने एक रिपोर्ट तैयार की थी जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय भी भेजा गया था। 
लियास फोरस की रिपोर्ट के मुताबिक,देशभर में हजारों प्रोजेक्ट फंड की कमी से अटके हुए हैं। इसके चलते उनका निर्माण बंद पड़ा है, जिससे बिक्री प्रभावित हो रही है। दिसंबर, 2018 की तिमाही में सालाना आधार पर प्रॉपर्टी की बिक्री में 3 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं प्रॉपर्टी की कीमतें में भी तिमही आधार पर एक फीसदी की कमी आई है। आगे भी स्थिति जल्द बेहतर होने की उम्मीद नहीं है। 

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  • Web Title:ministry of corporate affairs said Real estate sector in danger of bankruptcy