DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   बिजनेस  ›  भारतीय कंपनियों के सीईओ को तकनीकी रूप से सक्षम बनने की जरूरत: सत्या नडेला

बिजनेसभारतीय कंपनियों के सीईओ को तकनीकी रूप से सक्षम बनने की जरूरत: सत्या नडेला

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Drigraj
Mon, 24 Feb 2020 01:25 PM
भारतीय कंपनियों के सीईओ को तकनीकी रूप से सक्षम बनने की जरूरत: सत्या नडेला

माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला आज यानी सोमवार को मुंबई में एक मुख्य वक्ता के रूप में अपनी तीन दिवसीय भारत दौरे की शुरुआत की। मुंबई में माइक्रोसॉफ्ट के फ्यूचर डिकोडेड सीईओ कॉन्क्लेव में पहुंचे सत्या नडेला ने कहा कि भारतीय कंपनियों के सीईओ को तकनीकी रूप से सक्षम बनने की जरूरत है। यह भी तय करना होगा कि समाधान संयुक्त रूप से सामने आएं। मंगलवार को नडेला बेंगलुरु व बुधवार को दिल्ली में होंगे।

अपने संबोधन में नडेला ने यह भी बताया कि साइबर अपराधों की वजह से दुनिया को 1 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। दुनिया की जरूरतों को देखते हुए हम चाहते हैं कि सबसे ओपन इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करें। 2030 तक हमारे पास 50 अरब कनेक्टेड डिवाइस होंगी। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में डिजिटल की प्रमुख भूमिका हो। भारत में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए 72% नौकरियां टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के बाहर मौजूद हैं।

यह भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे को लेकर मुकेश अंबानी का बड़ा बयान, कार्टर, क्लिंटन और ओबामा के देखे हुए से अलग होगा इंडिया

इस कॉन्क्लेव में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और टीसीएस के सीईओ-एमडी राजेश गोपीनाथन भी शामिल हुए। गोपीनाथन ने कहा कि तकनीकी बदलाव के लिए कंपनी पहले से मौजूद टैलेंट को तैयार करने पर जोर देती है। इस बात का ध्यान रखा जाता है कि बाहरी लोगों को तलाश करने की बजाय बेहतर क्षमताओं वाले कर्मचारी कंपनी के साथ बने रहें। युवाओं के पास बेहतरीन नॉलेज होती है, वे तेजी से सीखते हैं, लेकिन, ट्रेनिंग की जरूरत होती है। आईटी सेक्टर में कई सालों वाले प्रोजेक्ट का दौर खत्म हो चुका है।

यह भी पढ़ें: चीन को पीछे छोड़ अमेरिका बना भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार

इस दौरे पर Microsoft को Azure के तहत अपनी क्लाउड सेवाओं पर अधिक ध्यान देने की उम्मीद है। कंपनी ने इस साल की शुरुआत में 11.6 बिलियन डॉलर का मुनाफा कमाया। यह मुख्य रूप से क्लाउड आधारित प्रणालियों में कंप्यूटिंग कार्यों से बदलाव की मांग करने वाले ग्राहकों की बढ़ती मांग के कारण था। पिछले कुछ वर्षों में Azure, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग सुविधाओं को एकीकृत करने में लगा हुआ है।

यह भी पढ़ें: Live: पीएम मोदी अहमदाबाद रवाना, थोड़ी देर में पहुंचेंगे ट्रंप; भव्य स्वागत का इंतजार

माइक्रोसॉफ्ट क्वांटम कंप्यूटिंग में निवेश करने वाली कंपनियों में से एक है। जहां तक भारत में इसकी संभावनाओं की बात करें तो केंद्रीय बजट 2020 में भारत सरकार ने क्वांटम कंप्यूटिंग में घरेलू अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए अगले पांच वर्षों में 8,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव दिया है।

संबंधित खबरें